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डॉग बाइट के 44 केस पहंुचे कम पड़ी एंटी रैबीज सीरम
क्षेत्रीयअस्पताल सोलन में एंटी रैबीज सीरम का स्टॉक मौजूद नहीं होने से डॉग बाइट के रोगियों का उपचार एंटी रैबीज इंजेक्शन लगा कर ही करना पड़ा। इससे बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने की भी हवा निकल गई। स्वास्थ्य विभाग का तर्क है कि 24 घंटे के अंदर डॉग बाइट के एक साथ 44 रोगी अस्पताल पहुंचने से एंटी रैबीज सीरम की कमी पड़ गई।
सीमित स्टॉक के चलते कुछ ही रोगियों को एंटी रैबीज सीरम की वैक्सीनेशन दी गई। हैरानी की बात है कि यह सीरम बाजार की मेडिसिन शॉप में भी नहीं मिल पाई। इसके चलते कई रोगियों को कसौली स्थित सीआरआई में जाकर वैक्सीनेशन करनी पड़ी। रैबीज की बीमारी को शहर तक पहुंचने से रोकने के लिए डॉग बाइटिंग की स्थिति में जख्म वाले हिस्से में एंटी रैबीज सीरम लगना जरूरी होता है, लेकिन अस्पताल में इसका सीमित स्टॉक रोगियों के लिए आफत बन गया।
क्षेत्रीय अस्पताल में दो दिन के अंदर शहर के विभिन्न हिस्सों से डॉग बाइटिंग के करीब चार दर्जन मामले पहुंचने से लोग सहमे हुए हैं। वहीं नगर परिषद की लोगों को आवारा कुत्तों बंदरों के आतंक से निजात नहीं दिला पाई है। बताया जा रहा है कि पागल कुत्ते ने सोलन के पुराना बस स्टैंड, गंज बाजार, चौक बाजार, लक्कड़ बाजार, कोटलानाला, टैंक रोड की भीड़ वाली जगहों में एक साथ कई लोगों को काटा। मंगलवार शाम को सोलन अस्पताल में डॉग बाइटिंग के कुल 28 रोगी उपचार के लिए पहुंचे। इसमें बच्चे बुजुर्ग अधिक हैं। यह सिलसिला बुधवार सुबह भी जारी रहता, दोहपर तक अस्पताल में डाॅग बाइटिंग के 16 नए रोगी उपचार के लिए लाए गए। बहरहाल शहर के लोग आवारा कुत्ते के आतंक से सहमे हुए हैं।
^अस्पताल में डॉग बाइटिंग के एक साथ 40 से अधिक मामले आने के चलते सभी को एंटी रैबीज सीरम नहीं लग पाया। अस्पताल की तरफ से रोगियों को मुफ्त में एंटी रैबीज इंजेक्शन लगाए गए हैं। एंटी रैबीज सीरम की मांग को पूरा करने के लिए सीआरआई कसौली को डिमांड भेजी गई है। डॉ.आरके गुप्ता, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, सोलन
नगर परिषद दिलाए आवारा कुत्तों, बंदरों से निजात
स्थानीयलोगों ने नगर परिषद से शहर में आवारा कुत्तों बंदरों से निजात दिलाने की मांग की है। डाॅग बाइट का शिकार हुए जीतराम, अर्चना और सदाराम ने प्रशासन से भी लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। बुधवार सुबह लोगों में उस समय अफरा तफरी मच गई जब पुराने बस अड्डे जा रहा दिहाड़ीदार सदाराम को सामने से रहे कुत्ते ने टांग से काट दिया। इसी तरह स्कूल जा रहे राजन को भी रास्ते में कुत्ते ने काटा। देखते ही देखते अस्पताल में एक दर्जन से अधिक मामले उपचार के लिए पहुंच गए। हालांकि शहर के लोगों का उस समय राहत मिली जब नगर परिषद के कर्मचारियों ने पागल कुत्ते पकड़ने के बाद उसे डिस्पोज कर दिया।
सोलन में बुधवार को कुत्ते के काटने के बाद अस्पताल पहंुचे लोगों काे इंजेक्शन लगाते स्वास्थ्य कर्मी।