सोलन में नहीं थमा पीलिया 22 नए मामले आए सामने
शहरमें पीलिया की बीमारी बेकाबू होती जा रही है। अश्वनी खड्ड पेयजल योजना को बंद हुए करीब 15 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अस्पताल में शहर समेत आसपास के क्षेत्रों से पीलिया के रोगियों का आना जारी है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग भी पीलिया फैलने के कारणों का पता नहीं लगा पा रहा है।
अस्पताल में बुधवार को भी पीलिया के 22 नए मामले सामने आए। जिला में अब तक 300 से अधिक लोगों को पीलिया होने की पुष्टि हुई है। बीमारी फैलने से स्थानीय लोगाें में भय का माहौल है। पीलिया के मामले बढ़ने से लोगों ने पानी को उबालकर ही पीना शुरू कर दिया है। साथ ही शहर में खुले में बिकने वाली खाद्य वस्तुओं की बिक्री पर प्रशासन अभी भी अंकुश नहीं लगा पाया है। शहर के ढाबों टी स्टॉलों में लोगों को बावड़ियों का पानी पीलिया जा रहा है।
विभागोंकी चिंता बढ़ी
पीलियाके मामले बढ़ने से स्वास्थ्य विभाग समेत नगर परिषद आईपीएच की चिंता भी बढ़ गई है। पीलिया पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन के तमाम उपाय नाकाम साबित हो रहे हैं। पीलिया के बढ़ते मामलों के चलते संबंधित विभागों ने अपनी गतिविधियां बढ़ा दी हैं। लोगों को शुद्ध पानी उपलब्ध करवाने के लिए पेयजल स्रोतों वाटर टैंकों की सफाई कर इसकी सुपर क्लोरीफिकेशन की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग अभी तक करीब दर्जन जगहों से पाने के सैंपल एकत्र कर चुका है, लेकिन अभी तक पीलिया के सही कारणों का पता नहीं चल पा रहा है। आईपीएच भी पेयजल योजनाओं से दिए जा रहे पानी की शुद्धता के दावे कर रहा है।
लिएजा रहे सैंपल: दरोच
मुख्यचिकित्सा अधिकारी डॉ. आरके दरोच ने बताया कि पीलिया के लक्षण वाले रोगियों की नियमित जांच की जा रही है। विभाग हर स्थिति से निपटने के लिए सतर्क है। एहतियात के तौर पर शहर के प्रत्येक वार्ड क्षेत्रों से पानी के सैंपल भर कर प्रयोगशाला भेजे गए हैं। साथ ही लोगों काे बीमारी के बचाव उपचार के प्रति भी जागरूक किया जा रहा है।
सोलन| एसएफआईकी जिला कमेटी सोलन ने पीलिया से बचाव के लिए जिला डीसी को ज्ञापन सौंपा। एसएफआई का कहना है कि सोलन शहर और इसके आसपास के क्षेत्रों में पीलिया का वायरस काफी तेजी से फैल रहा है। इसकी चपेट में 300 से अधिक लोग चुके हैं। इसका प्रकोप कम होने की बजाए बढ़ता जा रहा है। इसके लिए स्कूलों में जागरुकता अभियान चलाया जाए। एसएफआई के जिलाध्यक्ष अमन ठाकुर, जिला सहसचिव शिल्पा गौतम जिला केंद्रीय कमेटी सदस्य अरुण कश्यप का कहना है कि सोलन शहर में जितने भी शिक्षण संस्थान हैं, वहां पानी की टंकियों, कूलर पानी के अन्य स्रोतों की सफाई करवाई जाए पानी की शुद्धता की जांच करवाई जाए, ताकि छात्रों को स्वच्छ पेयजल मिल सके। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि सोलन के आसपास जितने भी शिक्षण संस्थान हैं वहां पीलिया के प्रति जागरुकता अभियान चलाया जाए जब छात्र स्वस्थ होंगे तो अपना पूरा ध्यान पढ़ाई की ओर केंद्रित कर पाएंगे। इस मौके पर एसएफआई के जिला सोलन के अमन ठाकुर, अजय, शिल्पा, अरुण, अजय भट्टी, योगेश, संजय, पंकज, शुभम, रजनी, प्रीति, प्रतिमा, पंकज, सुमन, रौकी, साहिल सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
सोलन अस्पताल में आेपीडी के बाहर लगी रोगियों की लाइन।