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सोलन में जर्जर भवन दे रहे हादसों को न्यौता

5 वर्ष पहले
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शहरमें जर्जर और खंडहर हो चुके दर्जनों भवन अासपास के घरों के लिए खतरा बन चुके हैं। बावजूद इसके स्थानीय प्रशासन इस दिशा में उचित कदम नहीं उठा पा रहा है। इसमें अधिकतर भवन ऐसे हैं, जिसमें संपत्ति को लेकर विवाद है। यही कारण है कि नगर परिषद भी इससे डिस्मेंटल करने से कतरा रही है। शहर के गंज बाजार, अप्पर बाजार, चौक बाजार, धोबीघाट, शिल्ली रोड, चंबाघाट रोड समेत अन्य कॉलोनियों में ऐसे दर्जनों भवन हंै, जो जर्जर हालत में हंै। नगर परिषद ने कई भवनों को अनसेफ घोषित किया, लेकिन इसमें अभी भी इसमें लोग जान जोखिम में डाल कर रह रहे हैं। सोलन में पिछले दिनों जल कर राख हुए आेम निवास की हालत भी लगभग ऐसी ही थी। भवन में देवदार की लकड़ियां लगी होने के चलते इसमें अाग तेजी से फैल गई।

भूकंपआग की दृष्टि से संवेदनशील

शहरमें आवासीय कॉलोनी के बीच खड़े जर्जर भवन आगजनी भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील हैं। अापदा की स्थिति में भवन में रह रहे लोगों साथ स्थानीय निवासियों की जान खतरे में पड़ जाएगी। कई भवन तो ऐसी जगहों पर है, जहां तक फायर ब्रिगेड का

सोलन में गिरने की कगार पर भवन, जिनसे आसपास के भवनों को भी खतरा है।

^शहर के भीतर जर्जर हो चुके भवनों के मालिकों को समय-समय पर प्रशासन की ओर से नोटिस भेजे जाते हैं। संपत्ति विवाद के चलते ऐसे भवनों को डिस्मेंटल नहीं किया जा सकता। शहर के भीतर अनसेफ घोषित हो चुके भवनाें में रह रहे लोगों की सुरक्षा का जिम्मा प्रशासन का नहीं है। बीआरनेगी, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद, सोलन

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