लैपटॉप देने के नाम पर बीएसएनएल का छलावा
दिसंबर2010 में ठियोग की सरोग और बड़ोग आदि पंचायतों के कई लैंडलाइन उपभोक्ता जिन्होंने ब्राडबैंड सर्विस के लिए 5500 रुपए दिए थे आज तक लैपटॉप की प्रतीक्षा कर रहे हैं। ऐसे ही एक उपभोक्ता क्यारी गांव के रामानन्द अत्री के अनुसार उन्हें 18 दिसंबर को बीएसएनएल के ठियोग कार्यालय से फोन आया था कि उन्हें ब्राडबैंड की सुविधा देना चाहते हैं यदि इच्छुक हों तो अपनी टेलीफोन एक्सचेंज में जाकर कंप्यूटर या लैपटॉप के लिए आवेदन पत्र भरें। अत्री के अनुसार उन्होंने 19 दिसंबर 2004 को सरोग एक्सचेंज में जाकर फार्म भरे और नावेटियम नाम की कंपनी एजेंट ने कंप्यूटर की बुकिंग के रूप में 3500 रुपए और लैपटॉप की बुकिंग के रूप में 5500 रुपए उपभोक्ताओं से लिए। इस मौके पर ब्रॅाडबैंड सेवा के लिए भी फार्म भरवाए गए। कंप्यूटर वाले उपभोक्ताओं को कुछ दिनों के बाद कंप्यूटर भेजे गए, जिनमें पूरा सामान नहीं था और वे घटिया किस्म के थे, जिन्होंने कुछ दिनों के बाद काम करना बंद कर दिया। उपभोक्ताओं के अनुसार बीएसएनएल ने कुछ महीनों तक उनसे ब्रॉडबैंड सेवा का शुल्क भी वसूला, जबकि उनके कंप्यूटर काम नहीं कर रहे थे। इन पंचायतों में इस प्रकार के कई उपभोक्ता हैं जिन्होंने इस दौरान ब्रॅाडबैंड की बुकिंग करवाई थी और कंप्यूटर और लैपटॉप के लिए पैसे भी दिए थे। लैपटॉप बुक करवाने के लिए 5500 रुपए देने वाले उपभोक्ताओं को तो चार सालों में अभी तक कुछ भी नहीं मिला है। इन उपभोक्ताओं का कहना है कि वे कई बार ठियोग स्थित बीएसएनएल के कार्यालय के चक्कर लगा चुके हैं, जहां पर उन्हें केवल आश्वासन ही मिल रहे हैं।
^इस मामले में ठियोग में बीएसएनएल के एसडीओ से बात करने पर उन्होंने बताया कि यह मामला निगम के उच्चाधिकारियों के संज्ञान में है और इस पर कारवाई हो रही है। राकेशशर्मा, एसडीओ,बीएसएनएल