फैंसिंग के बाद बचेंगे बहुमूल्य देवदार
ठियोग|एनएच-5 केसाथ लगते ठियोग के रोरू जंगल में मलबा और कूड़ा फेंके जाने की घटनाओं को रोकने के लिए वन विभाग ने जनोगघाट से आगे कई सौ मीटर क्षेत्र में लोहे की जालियों की फैंसिंग कर दी है। इससे जंगल में बहुमूल्य पेड़ों की बर्बादी रुक पाएगी।उल्लेखनीय है कि इस जंगल में कई सालों से फेंके जा रहे भवन निर्माणों के मलबे और कूड़े के कारण देवदार के सैकंडों वृक्षों को नुकसान हो चुका है।
नपका कचरा अब जंगल में नहीं
नपठियोग कई सालों से इस जंगल में ही नगर का कूड़ा कचरा फैंक रही थी। विभाग ने उस स्थान पर भी जंगला लगा दिया है। नप को फिल हॉल जंगल में खाली जगह दी गई है जहां आजकल कूड़ा फेंका जा रहा है। रोरू जंगल में ठियोग नगर में हो रहे भवन निर्माणों का भी सारा मलबा कई सालों से फेंका जा रहा था इसके कारण जंगल के निचले क्षेत्रों में पानी के स्रोतों चिखड़ खड्ड और अन्य खड्डों का पानी भी दूषित हो रहा था। ठियोग के आसपास के कई ग्रामीणों के निवासियों के अलावा लोक कल्याण मंडल ठियोग ने भी इस मामले को प्रमुखता से उठाया था। लोगों का कहना है कि जंगल में हो रही मलबे की डंपिंग और नप के कूड़े से पेयजल स्त्रोत दूषित हो रहे हैं। यही पानी कस्बे अन्य गांवों में पीने के लिए जा रहा है। पर्यावरण प्रेमियों ने फैंसिंग के लिए वन विभाग के इस कदम का स्वागत किया है।
^नप ठियोग को नगर के कूड़े के प्रबंधन के लिए स्थान तय कर उसके निर्माण के लिए समय दिया गया है और यदि नप जल्दी कोई करवाई नहीं करती तो वन विभाग आगे करवाई करेगा। उन्होंने बताया कि एनएच के साथ जंगल की फैंसिंग के बाद मलबा और कूड़ा फेंकना बंद हो गया है विभाग जंगल की दशा को सुधारने के प्रयास कर रहा है। नीरजचड्डा, डीएफओ वन मंडल ठियोग
एनएच-5 के किनारे रोरू जंगल में विभाग की ओर से की गई फैंसिंग।