ठियोग में नहीं मिल रही मनरेगा की मजदूरी
विकासखंड में पिछले कुछ महीनों से मनरेगा के तहत कार्य करने वाले ग्रामीणों को उनकी मजदूरी नहीं मिल रही है। जैस पंचायत के कोटी गांव के ग्रामीणों के अनुसार उनको कार्य किए हुए दो माह का समय हो चुका है लेकिन उनको अभी तक मजदूरी नहीं मिल पाई है। क्यारटू के प्रधान लोकेंद्र चंदेल ने बताया कि उनकी पंचायत में डेढ़ लाख रूपए मजदूरों की मजदूरी नहीं मिल पा रही है। इसी प्रकार की शिकायतें सरोग,धर्मपुर आदि कई पंचायतों के ग्रामीणों ने की हैं। पिछले तीन महीनों से मनरेगा के तहत हुए कार्य की 78 लाख रूपये के लगभग मजदूरी और सामग्री की देनदारी है लेकिन विकास खंड के लिए मनरेगा के तहत पैसे आने के कारण ग्रामीणों को समय पर पेमेंट नहीं मिल पा रही है। इंटक इकाई के अध्यक्ष ज्ञान वर्मा ने मांग की है कि ठियोग के ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को मनरेगा की मजदूरी समय पर दी जाए। मजदूरी समय पर मिलने से इस योजना की मूल भावना को क्षति हो रही है। बीडीओ ईशा ठाकुर ने बताया कि ठियोग में दो माह से मनरेगा के लिए पैसा नहीं रहा है बैंक अकाउंट में गलतियों के कारण भी समस्या रही है। ठियोग में भी मनरेगा की पेमेंट बकाया है और पैसा खातों में आते ही पेमेंट कर दी जाएगी।