नेताओं के कार्यक्रम में अधिकारी व्यस्त
विसक्षेत्रों के पुनर्सीमांकन से पहले ठियोग उपमंडल कार्यालय ठियोग विस क्षेत्र और जुब्बल कोटखाई विस क्षेत्र की कोटखाई तहसील का प्रशासनिक कार्य देखता था लेकिन अब ठियोग उपमंडल के तहत ठियोग विस क्षेत्र के तहत आने वाली ठियोग तहसील की 36 पंचायतों के अलावा ,कोटखाई तहसील और चौपाल विस क्षेत्र में पुनर्सीमांकन के बाद शामिल ठियोग तहसील की 11 पंचायतों और कुसुंपटी विस क्षेत्र में शामिल ठियोग तहसील की पांच पंचायतों का कार्य भी देखना पड़ रहा है। इस प्रकार ठियोग उपमंडल कार्यालय में अब ठियोग, जुब्बल कोटखाई, कुसुंपटी और चौपाल चार विस क्षेत्रों के नेताओं और राजनैतिक कार्यकर्ताओं को दखल है और प्रशासन के अधिकारियों को इन सभी विस क्षेत्रों में आने वाले मंत्रियों,नेताओं के कार्यक्रमों में शामिल होना पड़ता है। पुलिस के लिए भी अब कार्य बढ़ गया है। ठियोग खंड विकास कार्यालय के तहत भी अब तीन विस क्षेत्रों ठियोग,चौपाल और कुसुंपटी विस क्षेत्रों की पंचायतें आती हैं। ठियोग पंचायत समिति की अध्यक्ष विद्या शर्मा का गांव और उनके समिति वार्ड चियोग ददास की चियोग पंचायत कुसुंपटी विस क्षेत्र में है जबकि उनकी दूसरी पंचायत ददास ठियोग विस क्षेत्र में है।
ठियोग उपमंडल और विकास खंड का क्षेत्र तीन चार विस क्षेत्रों में आने से प्रशासनिक कार्यों पर असर पड़ रहा है लेकिन लोग यह भी चाहते हैं कि प्रशासन संबन्धित सभी कार्य ठियोग में ही होने चाहिए। कोटखाई के लोग भी उपमंडल के कार्यों के लिए रोहड़ू जाने के बजाए ठियोग को पसंद करते हैं क्योंकि इन सभी क्षेत्रों के लोगों के लिए ठियोग की सुविधाजनक है।
कुछ साल पूर्व हुए पुनर्सीमांकन के बाद ठियोग के दो जिला परिषद वार्ड भी विभिन्न विस क्षेत्रों मं बंट गए हैं। देवरीघाट जिला परिषद वार्ड की कुछ पंचायतें जहां कुसुंपटी विस क्षेत्र में चली गई हैं वहीं घूंड जिला परिषद वार्ड का तो 80 प्रतिशत हिस्सा चौपाल विस क्षेत्र में जा चुका है। लोगों की माने जो इस प्रकार के बंटवारे का असर राजनैतिक ढांचे पर बहुत अधिक पड़ा है और कुछ इलाकों के लोग अपने आप को राजनैतिक रूप से उपेक्षित महसूस कर रहे हैं।