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गेयटी में सजी परमहंस योगानंद की 2500 पुस्तकें, 10 मिल रही है कैसेट

7 वर्ष पहले
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शिमला। योगदा सत्संग ध्यान केंद्र शिमला, योगदा सत्संग सोसायटी ऑफ इंडिया के तत्वावधान में मंगलवार से परमहंस योगानंद और अन्य संतों की करीब 2500 पुस्तकों की प्रदर्शनी गेयटी थियेटर के सभागार में लगाई गई है। प्रदर्शनी में योगदा सत्संग मठ कोलकाता, योगदा सत्संग शाखा मठ रांची, योगदा सत्संग शाखा आश्रम द्वाराहाट, योगदा सत्संग शाखा आश्रम नोएडा के चित्रों की झलक और इतिहास के बारे में दिखाया गया है।

10 रुपए में मिल रही कैसेट

इसके अलावा परमहंस के गुरुओं के फोटो भी प्रदर्शनी में रखे गए हंै। उनके कैसेट दस रुपए में, सीडी 50 रुपए में, डीवीडी 95 रुपए में उपलब्ध है। इसके अलावा भजन सहित टॉक की सीडी भी उपलब्ध है। प्रदर्शनी में दिखाया गया है कि मेडिटेशन क्या चीज है, इसके क्या फायदे हैं। क्रिया योग पाथ आदि के बारे में बताया गया है। रांची के मंदिर का दृश्य, दीपावली के समय स्मृति मंदिर का लिया गया चित्र भी प्रदर्शित किया गया है। इसके अलावा गुरु जी के विदेशों में दिए गए लेक्चर की कलेक्शन पुस्तकें भी यहां उपलब्ध है। इस प्रदर्शनी में परमहंस योगानंद पुस्तक ऑटोबायोग्राफी ऑफ अ योगी का अनुवाद 34 भाषाओं में किया जा चुका है। इनमें 12 भारतीय भाषाएं सम्मिलत हैं। कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में यह पुस्तक बड़े पैमाने पर पाठय पुस्तक के रूप में प्रयोग की जाती है। हजारों पाठकों ने योगी कथामृत को अपने जीवन की सबसे अधिक मंत्रमुग्ध करने वाली पुस्तक बताया है। परमहंस जी ने अपनी आत्मकथा का समापन इस प्रकार करते हंै कि पूर्व और पश्चिम में क्रियायोग का उदात्त कार्य अभी तो केवल शुरू ही हुआ है। ईश्वर करे कि सब लोगों को यह ज्ञात हो जाए कि सारे मानवी दुखों को मिटा देने के लिए आत्मज्ञान की एक निश्चित वैज्ञानिक प्रविधि उपलब्ध है। इसके अलावा जीने की कला, आध्यात्मिक जीवन शैली, मानव की निरंतर खोज आदि पुस्तकें रखी गई हैं।
फोटो- गेयटी थियेटर में लगाई पुस्तकों की प्रदर्शनी को देखती युवतियां।