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रघुनाथ की रथयात्रा के साथ होली का आगाज, 40 दिनों तक चढ़ाया जाएगा रघुनाथ को गुलाल

5 वर्ष पहले
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कुल्लू. कुल्लू के ढालपुर मैदान में बसंत पंचमी के अवसर पर अधिष्ठाता भगवान रघुनाथ की भव्य रथयात्रा निकली गई। सैकड़ों भक्तों के साथ ढोल नगाड़ों, वाद्ययंत्रों की थाप पर ढालपुर स्थित रथ मैदान तक पहुंचे जहां से वह रथ में सवार हुए। हालांकि पूरे देश में अभी होली के पर्व को 40 दिन शेष है, लेकिन भगवान रघुनाथ की नगरी कुल्लू में रघुनाथ की इस रथ यात्रा के साथ ही होली का आगाज हो गया है जो अगले 40 दिनों तक जारी रहेगा।

शाम के समय रथयात्रा रथ मैदान से शुरू हुई जो रघुनाथ के अस्थायी शिविर ढालपुर मैदान तक रघुनाथ के जयकारों के साथ संपन्न हुई। इस दौरान भगवान के रथ को खींचने के लिए हजारों लोगों में होड़ लगी रही। ढालपुर मैदान में रघुनाथ जी के अस्थायी शिविर में करीब 2 घंटे तक अधिष्ठाता को देव विधि से गुलाल फेंका गया। गुलाल फेंकते ही कुल्लू में होली का आगाज हो गया है।
आज से 40 दिनों तक भगवान रघुनाथ को सुल्तानपुर स्थित मंदिर में हर रोज गुलाल फेंका जाएगा। कुल्लू के राजघराने में राजा जगतसिंह का शासनकाल वर्ष 1637 से 1662 तक रहा। अयोध्या से भगवान राम की मूर्ति भी कोढ़ से मुक्ति पाने के लिए यहां लाई गई।
रंग चढ़ते ही मन्नतें पूरी

रथ यात्रा के शुरू होने से पूर्व हनुमान अपने केसरी रंग के साथ लोगों के बीच जाता है। लोगों का केसरी नंदन के साथ स्पर्श हो, इसके लिए लोग उसके पीछे भागते हैं। मान्यता है कि जिन लोगों को हनुमान का केसरी रंग लगता है तो उसकी मन्नतें पूरी मानी जाती है। इस दिन अधिकतर स्त्रियां पीले व सफेद वस्त्र पहनकर आती है। केसरी नंदन की कृपा दृष्टि लोगों के ऊपर पड़े इसलिए उसके आगे आने के लिए लोगों का कुनबा लालायित रहता हैं। रथ यात्रा में अधिष्ठाता रघुनाथ के छड़ीबरदार महेश्वर सिंह सहित राजपरिवार के सभी सदस्य मौजूद रहे।
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