पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App
  • Hindi News
  • Shoppers Thumbs Showed Up The First Day The Law, O

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

दुकानदारों ने पहले ही दिन कानून को दिखाया ठेंगा, खुलेआम बिका गुटखा

9 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
शिमला। प्रदेश सरकार के पान मसाला,गुटखा व खैनी पर प्रतिबंध लगाने के आदेशों को दुकानदारों ने पहले दिन ही ठेंगा दिखा दिया। कानून में सख्त सजा के सख्त प्रावधान के बावजूद शनिवार को शिमला, हमीरपुर, मंडी, कांगड़ा, धर्मशाला, कुल्लू, सोलन, नाहन, ऊना, चंबा, बिलासपुर में बेरोकटोक पान मसाला, गुटखा और अन्य बिकते रहे। राजधानी के मुख्य बाजारों मालरोड, लोअर बाजार, लक्कड़ बाजार व राम बाजार में दुकानदार काउंटर के पीछे से गुटखा व पान मसाला बेचते रहे, लेकिन उपनगरों सहित शिमला के आसपास स्थित दुकानों में गुटखा व पान मसाला खुलेआम लड़ियों में लटका कर बेचा जा रहा था। सरकार के आदेशों के बाद ऐसे दुकानदारों पर कोई भी चेक रखने वाला नहीं था। हालांकि इस प्रतिबंध पर कई सामाजिक संगठनों ने स्वागत किया है, लेकिन उनका मानना है कि इसके लिए सख्त रुख अपनाना होगा। नष्ट होगा स्टॉक आबकारी एवं कराधान विभाग के सहायक आयुक्त रमेश शर्मा का कहना है कि सोमवार से शिमला में गुटखा व पान मसाला के स्टॉक नष्ट करने के लिए अभियान शुरू किया जाएगा। इस बारे में सभी निरीक्षकों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। उनका कहना है कि गुटखा व पान मसाला का भंडारण व विक्रय करने वाले दुकानदारों के खिलाफ नियम के मुताबिक कड़ी कार्रवाई भी जाएगी। तीन महीने का समय दे सरकार हिमाचल प्रदेश व्यापार मंडल के महामंत्री कंवलजीत सिंह ने कहा है कि सरकार का गुटखा, पान मसाला व खैनी पर प्रतिबंध लगाने का फैसला सराहनीय है, लेकिन दुकानदारों के पास अभी काफी मात्रा में स्टॉक उपलब्ध है। इसको बेचने के लिए दुकानदारों को तीन माह का वक्त देना चाहिए। इसके बाद अगर कोई दुकानदार गुटखा व पान मसाला बेचते हुए पकड़ा जाता तो ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि गुटखा व खैनी की बिक्री के प्रतिबंध का असर भविष्य में कैंसर के रोगों में कमी के रुप मे नजर आएगा। कंवलजीत सिंह ने सरकार से दुकानदारों की मांग पर सहानुभूति पूर्वक विचार करने का आग्रह किया है। कैंसर के 7 फीसदी मामले क्षेत्रीय कैंसर अस्पताल के विभागाध्यक्ष आरके सीम का कहना है कि पंद्रह साल पहले जब गुटखा व खैनी के सेवन का अधिक चलन नहीं था, उस समय प्रदेश में कुल मामलों की तुलना में मुंह व ग्रास नली के कैंसर के 3 फीसदी मामले आते थे, लेकिन बाजार में आसानी से उपलब्धता के कारण युवाओं में गुटखा व पान मसाला का चलन बढ़ा है, इससे कैंसर के मामलों में बढ़ोतरी हुई । अब कैंसर के 7 फीसदी मामले हर साल दर्ज किए जा रहे हैं। आदेश आते ही कार्रवाई प्रतिबंधत सामग्री बेचने वालों पर कार्रवाई होगी। आदेश मिलते ही जिस भी नियम के तहत कार्यवाही का प्रावधान होगा। अमल में लाए जाएंगे। फिलहाल आदेशों का इंतजार किया जा रहा है। अतुल कायस्थ, जिला फूड सेफ्टी ऑथोरिटी कम पंजीकरण प्राधिकारी हमीरपुर

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव - कुछ समय से चल रही किसी दुविधा और बेचैनी से आज राहत मिलेगी। आध्यात्मिक और धार्मिक गतिविधियों में कुछ समय व्यतीत करना आपको पॉजिटिव बनाएगा। कोई महत्वपूर्ण सूचना मिल सकती है इसीलिए किसी भी फोन क...

और पढ़ें