पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

बदहाली के आंसू रो रहा है सूर्य नारायण मंदिर

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
रामपुर बुशहर। विष्णु भगवान के आवेश अवतार परशु राम द्वारा मातृ दोष से बचने के लिए नीरथ में स्थापित किया गया सूर्य नारायण मंदिर बदहाली के आंसू रो रहा है। छह साल पूर्व में मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए 84 लाख रूपए का एस्टीमेट तैयार किया था। अभी तक मात्र सात लाख ही मिल पाया है। सवाल उठता है कि 84 लाख का काम सात लाख रूपए में कैसे पूरा होगा।लगभग 4500 साल पहले इस मंदिर का निर्माण पांडवों ने शिखर शैली में अज्ञात वास के दौरान किया था। मंदिर में पत्थरों पर नक्काशी की गई जो ी देश के दूसरे मंदिरों में होगी। मंदिर का रखरखाव न होने के कारण मंदिर वास्तवित स्वरूप खोता जा रहा है। मंदिर कमेटी के टिकम देव शर्मा, पदम भंडारी, ज्वाला दत, पुष्पादत शर्मा, ओम प्रकाश, पलस राम, गोपाल ठाकुर, मनोज शर्मा ने बताया कि सूर्य नारायण मंदिर के रखरखाव और जीर्णोद्धार के लिए 84लाख का एस्टीमेट भाषा और संस्कृति विभाग द्वारा बनाया गया था।
नीरथ में स्थापित उत्तरी भारत का यह एक मात्र सूर्य नारायण मंदिर।