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झील में गिरी बस , 25 यात्रियों की मौत, मृतकों में ज्यादातर स्टूडेंट और कर्मचारी

7 वर्ष पहले
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फोटो- स्थानीय लोगों की मदद से पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने शवों व घायलों को झील से निकालकर अस्पताल पहुंचाया।
बिलासपुर। ऋषिकेश से बिलासपुर आ रही एक प्राइवेट बस बुधवार सुबह राहियां नामक स्थान पर अनियंत्रित होकर गोविंद सागर झील में गिर गई। बस में सवार 25 लोगों की मौत हो गई, 18 घायल हुए हैं। सभी लाशों को झील से निकाल लिया गया है। घायलों में से 9 को घुमारवीं, आठ को बिलासपुर अस्पताल में एडमिट हैं जबकि एक को गंभीर हालत में हमीरपुर रैफर किया गया है। बस का ड्राइवर हादसे के बाद फरार हो गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शुभम बस सर्विस की 21 सीटर इस बस में क्षमता से लगभग दोगुनी सवारियां थीं। काफी लोग छत पर भी बैठे हुए थे। इसमें ज्यादातर स्टूडेंट्स और कर्मचारी थे। सुबह करीब पौने नौ बजे औहर व भगेड़ के बीच राहियां नामक स्थान पर बस सड़क से लुढ़ककर गोविंद सागर झील में जा समाई। स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी और अपने स्तर पर बचाव कार्य शुरू कर दिए। जिला प्रशासन की ओर से मृतकों के परिजनों को 10-10 हजार तथा घायलों को 5-5 हजार रुपए की फौरी राहत दी है।
बस के शीशे तोड़कर बचाई जान
बस में सवार कुछ यात्री शीशे तोड़ तैरकर किनारे पर पहुंचे। सूचना मिलते ही डीसी डॉ. अजय शर्मा, एसपी अशोक कुमार, घुमारवीं के एसडीएम राजीव कुमार समेत काफी संख्या में पुलिस, फायर ब्रिगेड व होमगार्ड के जवान मौके पर पहुंच गए। बस को झील से निकाल लिया गया है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए बिलासपुर और घुमारवीं अस्पताल पहुंचा
दिया गया है।
बंबर ठाकुर भी जुटे बचाव कार्य में
सीपीएस राजेश धर्माणी, सदर के विधायक बंबर ठाकुर, झंडूता के विधायक रिखीराम कौंडल घटनास्थल पर पहुंच गए। बंबर ठाकुर भी लोगों के साथ खुद बचाव कार्यों में जुट गए। पूर्व सीएम प्रेम कुमार धूमल भी घटनास्थल पर पहुंचे व राहत कार्यों का जायजा लिया।
हादसे की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश : बाली
धर्मशाला। परिवहन एवं खाद्य आपूर्ति मंत्री जीएस बाली ने हादसे पर दुख जताते हुए मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। डॉक्टरों को निर्देश दिए कि घायलों का नि:श्ुल्क इलाज किया जाए। आए दिन हो रहे हादसों पर रोक के लिए उन्होंने अधिकारियों को आदेश दिए। वीरवार से शुरू हो रहे शरदीय नवरात्रों के दौरान मालवाहक वाहनों में यात्रियों को लाने-ले जाने पर प्रतिबंध रहेगा।
ओवर लोडिंग से गई 25 की जान
औहर-भगेड़ सड़क पर राहियां में हुआ बस हादसा बसों में अधिक से अधिक सवारियां बिठाने की होड़ का नतीजा माना जा रहा है। गोविंद सागर में समाई बस 21 सीटर थी, लेकिन उसमें दुगने से अधिक सवारियां थीं। अभागी बस में बैठे लोगों में से केवल वही जान बचा सके, जो जलाशय में डूबी बस से किसी तरह बाहर निकल सके और तैरना जानते थे। बाकियों के लिए यह बस एक तरह से टाइटेनिक जहाज ही साबित हुई। राहियां में बुधवार सुबह करीब पौने नौ बजे एक प्राइवेट बस गोविंद सागर में गिर गई। हालांकि साल के अधिकांश महीनों में यह स्थान सूखा ही रहता है, लेकिन इन दिनों गोविंद सागर का जलस्तर बढ़ने के कारण पानी वहां तक भी पहुंच जाता है। जहां से बस पानी में गिरी, वहां हलका सा मोड़ और उतराई है। प्रत्यक्षदशियों के अनुसार उस समय न तो सामने और न ही पीछे से कोई गाड़ी आ रही थी।
पीछे वाली बस में खाली थी सीटें
हादसे का पता चलते ही आसपास के युवक वहां एकत्रित हो गए। राकेश, अमित शर्मा, ओंकार, रमेश, नीरज, अशोक, दीनानाथ, गौरव, संजय, प्रवीण व पिंटू आदि ने तुरंत जलाशय में कूदकर बचाव कार्य शुरू कर दिया। सदर के विधायक बंबर ठाकुर भी उनके साथ पानी में उतरकर लोगों को ढूंढते रहे। जिला व पुलिस प्रशासन भी सूचना मिलने के 20-25 मिनट के भीतर मौके पर पहुंच गया। बताया जा रहा है कि इस प्राइवेट बस के कुछ समय बाद एचआरटीसी की बस भी इसी रूट पर आती है। गोविंद सागर में गिरी बस जहां ओवरलोड थी, वहीं एचआरटीसी की बस में कई सीटें खाली थीं। दुर्घटनाग्रस्त बस में अंधाधुंध लोग बिठाने के बजाए यदि आधी सवारियां एचआरटीसी की बस में होती तो कइयों की जान बच सकती थी।
दूसरी तरफ था ड्राइवर का ध्यान, आज घायलों से मिलेंगे मुख्यमंत्री
उराहियां में गोविंद सागर में गिरी प्राइवेट बस में सवार किसी भी व्यक्ति को पता ही नहीं चल पाया कि बस जलाशय में कब और कैसे गिर गई। जान केवल वही बचा सके, जिन्हें या तो बाहर निकलने मौका मिल गया या फिर जो आखिरी दम तक जिंदगी की जंग लड़ते रहे। बस में सवार बैहनाजट्टां गांव के रतनलाल के अनुसार वह ड्राइवर की पिछली सीट पर बैठे थे। हालांकि बस की स्पीड अधिक नहीं थी, लेकिन ड्राइवर का ध्यान दूसरी तरफ था। इसके चलते ड्राइवर को पता ही नहीं चला कि बस सड़क से बाहर कब निकल गई। वह आहिस्ता से पानी में समा गई। बस के पानी में डूबने के बाद उन्होंने किसी तरह शीशा तोड़ा और तैरकर बाहर आए। उधर, ट्रक ऑपरेटर परिवहन सहकारी सभा बीडीटीएस के अध्यक्ष रमेश ठाकुर व महासचिव रजनीश ठाकुर की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल ने राहियां बस हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों की सहायता तथा घायलों की मदद के लिए 5 लाख रुपए दिए हैं। वहीं, मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह वीरवार सुबह मृतकों के परिजनों के साथ ही वह घायलों से भी मुलाकात करेंगे।
बस हादसे में मृतकों व घायलों की सूची
बस हादसे में 25 लोगों की मौत व 18 घायल हुए हैं। मृतकों में डमली के शशिपाल, ऋषिकेश की अंजना, कंदरौर के सुरेंद्र, कल्लर के अमरजीत सिंह व मदनलाल, गुलाणी के चमनलाल, भटेड़ के होशियार सिंह, बैहनाजट्टां की पूजा, प्यारेलाल व सपना, विजयपुर के संजू, भजवाणी के सागर, नत्थूराम, औहर के इंद्र देव, नोग के कर्ण, सलासीं के सतीश, टटोह के मनु, रपैड़ के नितेश गौतम, बेनला के अंकित, कसेह की मीना व अनुपमा और धराड़सानी की पूनम व नंदलाल शामिल हैं। दो मृतकों की शिनाख्त नहीं हो पाई है। वहीं घायलों में कंडक्टर प्रकाश, धराड़सानी के विजय, औहर के जगदीश, बैहनाजट्टां के राजकुमार, कोठी की सुमन, समलेटा के देशराज, छत्त के मनी धीमान, भटेड़ के देवानंद, बिलासपुर के राजेश, भजवाणी के सुखदेव, सचिन, धर्म सिंह, चिरंजीलाल, कोठी के श्यामलाल, बैहनाजट्टां के उमेश, रतनलाल, बैहलग के नंदलाल व लुहणू कनैतां के रूपलाल शामिल हैं। इनमें से बैहलग के नंदलाल को हमीरपुर रेफर किया गया है।
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