सीएम आईटी मामले में फैसला सुरक्षित
मुख्यमंत्रीवीरभद्र सिंह, पूर्व सांसद प्रतिभा सिंह पुत्र विक्रमादित्य सिंह, पुत्री अपराजिता केयर टेकर आनंद चौहान से संबंधित इनकम टैक्स (आईटी)मामले में प्रदेश हाईकोर्ट ने आयकर विभाग द्वारा उठाई गई मुख्य आपत्तियों पर फैसला सुरक्षित रखा है। मुख्य न्यायाधीश मंसूर अहमद मीर न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान की खंडपीठ ने मामले को चलाने पर उठाई गई आपत्तियों पर दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। आयकर विभाग ने अपनी आपत्तियों में मुख्य तौर पर याचिका दायर करने पर गुणवत्ता पर सवालिया निशान लगाया है। विभाग के अनुसार प्रार्थियों को कोई अधिकार नहीं है कि वह याचिका के माध्यम से उन के द्वारा लिए गए वैधानिक फैसले को याचिका के माध्यम से चुनौती दे, विशेषतया जब प्रार्थियों को आदेश पारित करने से पूर्व सुनवाई का पूरा अवसर दिया गया।
विभागको आपत्ति
आयकरविभाग की यह भी आपत्ति है कि उक्त मामले में पूर्णता जांच को विफल करने के इरादे से यह याचिका दायर की गई है। जब कि प्रार्थियों के पास अपील दायर करने का विकल्प खुला है। सीआईटी गुडगांव डीसीआईटी चंडीगढ़ को मामले का रिकार्ड स्थानांतरित करने के पश्चात याचिका का चलाया जाना उचित नहीं है। विभाग के अनुसार प्रार्थियों का कोई मौलिक अधिकार नहीं छीना जा रहा है। इस कारण भी याचिका का चलाया जाना कानूनी तौर पर न्याय संगत नहीं है।
आयकर विभाग ने यह भी दलील दी है कि दिल्ली हाईकोर्ट ने भी उक्त मामले में प्राथमिक जांच किए जाने को जरुरी बताया है। इन दलीलों को ध्यान में रखते हुए आयकर विभाग ने कोर्ट से अंतरिम आदेशों को निरस्त करने की गुहार लगाई है। याचिकाकर्ताओं के आवेदन पर हाईकोर्ट ने इनकम टैक्स कमिश्नर शिमला के उन आदेशों पर रोक लगा दी थी जिस के तहत प्रार्थियों के आयकर मामले को शिमला से चंडीगढ़ स्थानांतरित कर दिया था।
मुख्यमंत्री के मामले में सुनवाई 16 अक्तूबर को
शिमला|हिमाचलप्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के मनी लांर्डिंग के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई 16 अक्तूबर को होगी। इस मामले में बुधवार को संबंधित कोर्ट के न्यायाधीश के अवकाश पर होने के कारण सुनवाई नहीं हो सकी। इससे पहले दस सितंबर को इस मामले में सुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री के अधिवक्ता ने अतिरिक्त समय मांगा था।