मिल रहे गम बूट ही रेन कोट
बिजलीविभाग के तकनीकी कर्मचारी कई समस्याओं से जूझ रहे हैं। एचपीएसईबी एसोसिएशन के राज्य अध्यक्ष मोहन ठाकुर का कहना है कि एक तकनीकी कर्मचारी पर 20 से 25 ट्रांसफार्मर का बोझ डाला गया है।
इससे कई परेशानियां रही हैं। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी जिम्मेदारियों के चलते ऐसे में एक आदमी कैसे इन सभी कार्य को अकेला कर पाएगा। उन्होंने कहा कि जहां पहले यह कर्मचारी फील्ड में दस का ग्रुप बनाकर चलते थे, वहीं काफी वर्षों से कर्मचारी दो का ग्रुप बनाकर फील्डों में काम कर रहे हंै। इससे कई दिक्कतें सामने रही हैं। उनका कहना है कि बर्फ के मौसम में तकनीकी कर्मचारियों के लिए गम बूट नहीं दिए जाते हैं और ही रेन कोट दिए जाते हैं।
जानजोखिम में डाल कर कर रहे काम
येकर्मचारी अपनी जान में जोखिम डाल कर काम करते है। कई तकनीकी कर्मचारी आए दिन दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हंै। वहीं सबसे ज्यादा दिक्कत इंटीरियर एरिया में काम करने वाले कर्मचारियों को रही हंै। विभाग में जो भी कर्मचारी रिटायर हो रहे हंै उसके बाद स्टाफ का वैसे ही टोटा होता जा रहा है। विभाग में नई भर्तियां नहीं की जा रही हैं।
एक तकनीकी कर्मी के हवाले है 25 ट्रांसफार्मरों का काम
उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि तकनीकी स्टाफ को स्किल्ड के आधार पर कांट्रेक्ट पर भरा जाए। मोहन ठाकुर ने सरकार से मांग की है कि फोर मेन का क्राइट एरिया दस साल रखा गया है, जबकि यह घटाकर छह साल किया जाना चाहिए। दस साल बहुत ज्यादा रखे गए है। उन्होंने ठेकेदारी प्रथा को बंद करने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे क्वालिटी घटिया होती है। इसके बाद यह काम हमारे ही कर्मचारियों को करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि विभाग से कई पंजाब की तर्ज पर ग्रेड पे की मांग की गई, लेकिन सरकार ने कुछ नहीं किया। एचपीएसईबी तकनीकी इंपलाइज एसोसिएशन के स्टेट अध्यक्ष मोहन ठाकुर ने सरकार से 13/10 नए इम्प्लीमेंट जो पंजाब की तर्ज पर किए गए उसे यहां पर लागू करने की मांग की है।