माकपा के लिए रैली में भीड़ जुटाना चुनौती
सीपीआईएमके 15वें राज्य सम्मेलन और रैली में भीड़ जुटाना कार्यकर्ताअाें के लिए चुनौती बन गई है। सम्मेलन 16 दिसंबर से शुरू होगा। मौसम के करवट बदलने के साथ मार्ग बंद होने से कार्यकर्ता कैसे रैली में पहुंच पाएंगे, यह देखने वाली बात होगी। वहीं, दूसरी तरफ माकपा कार्यकर्ता रैली को सफल बनाने में जुटे हुए हंै।
माकपा के सचिव राकेश सिंघा का कहना है कि राष्ट्रीय महासचिव प्रकाश करात और पोलित ब्यूरो सदस्य एमपी बैबी के अतिरिक्त पार्टी के राष्ट्रीय सचिवमंडल सदस्य एवं खेत मजदूर यूनियन के राष्ट्रीय महासचिव ए. विजय राघवन भी रैली में पहुंच रहे हैं। राज्यसभा एवं लोकसभा के पूर्व सदस्य ए. विजय राघवन एसएफआई के राष्ट्रीय सचिव भी रह चुके हैं। देश भर में किसानों एवं खेत- मजदूरों की समस्याओं पर गहन अध्ययन के कारण ही उन्हें हिमाचल प्रदेश का पार्टी प्रभारी बनाया गया है। प्रदेश में शीघ्र ही किसानों को उनकी समस्याओं एवं अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए चलाए जाने वाले अभियान पर भी सम्मेलन में गहन चर्चा की जाएगी।
माकपा नेता राकेश सिंघा का कहना है कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार की आम जनता के प्रति जवाबदेही कहीं ढूंढे भी नजर नहीं रही है। राज्य में सार्वजनिक वितरण प्रणाली ढंग से काम नहीं कर रही है, मनरेगा योजना के तहत कोई काम नहीं हो रहे, मनरेगा मजदूरों को भुगतान के लिए छह-छह माह तक अधिकारियों के पास चक्कर काटने पड़ रहे हैं, सड़कें बदहाल हुई पड़ी हैं। सरकार पर सैकड़ों वृक्षों के अवैध कटान के आरोपों के कारण विधानसभा का शीतकालीन सत्र हंगामे की भेंट चढ़ गया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता इस स्थिति को बहुत देर तक सहन नहीं करेगी, बल्कि सड़कों पर उतर कर सरकार से हिसाब मांगेगी।