खनन से होगी 300 करोड़ की आय
हिमाचलप्रदेशको खनन से आने वाले दिनों में करीब 300 करोड़ रुपए आय होने की उम्मीद है। राज्य में लंबे समय से खनन के लिए मंजूरी सरकार के लिए फांस बनी थी। इस पर सरकार को ग्रीन ट्रिब्यूनल से मिली राहत के बाद अब सरकार के स्तर पर खनन के लिए मंजूरी देने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। सरकार ने ऊना के अंब के बाद युमना बेसिन की खानों की नीलामी की तैयारी कर दी है। इसके लिए विशेष तौर पर खनन आवंटन से पहले राज्य में युमना नदी का मास्टर प्लान तैयार करवाया है। 12 फरवरी को माइनिंग कमेटी की बैठक में पेंडिंग केस रखे जा रहे हैं। इस कमेटी की तीन जनवरी को हुई बैठक में लगभग तीस मामलों में हरी झंडी पहले ही मिल चुकी है। हिमाचल में वर्तमान में 160 से ज्यादा स्टोन क्रशर हैं। एक हजार से ज्यादा अन्य माइनिंग लीज हैं। प्रदेश में पेंडिंग केसों पर जल्द ही क्लीयरेंस मिलती है तो राज्य में आने वाले प्रोजेक्टों से लेकर भवन निर्माण का सपना देख रहे लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। उद्योग विभाग के प्रस्ताव पर राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में खनन पर रायल्टी बढ़ाने की मंजूरी दे दी है।
केंद्रके पास फंसे हैं नमक उद्योगों के प्रस्ताव : मंडीऔर जोगिंद्रनगर के बीच प्रस्तावित नमक उद्योग भारत सरकार में फंसा हुआ है। प्रदेश सरकार ने इसे चलाने के लिए हिंदुस्तान साल्ट लिमिटेड को लेटर आफ इंटेंट जारी कर दिया है। अब सारी प्रक्रिया भारत सरकार को पूरी करनी है।