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ब्रह्मांड का रेखांकन करता है ज्योतिष शास्त्र:डॉ.मस्त राम
बंगाणा|डोहगी केसंस्कृत कॉलेज में आयोजित संगोष्ठी में अंतिम दिन ज्योतिष शास्त्र पर शोध पत्र प्रस्तुत किए गए। हिमाचल संस्कृत अकादमी के डॉ. मस्तराम शर्मा ने कहा कि ज्योतिष शास्त्र वर्तमान और भविष्य का एकलौता शास्त्र है। यह पूरे ब्रह्मांड की संपूर्ण रूपरेखा का रेखांकन करता है। अगर ज्योतिष गणना के मुताबिक कोई काम होता है तो उसका वही फल होगा, जो ज्योतिष के फलित में बताया गया है। संस्कृत कॉलेज डोगही के प्रिंसिपल डॉ. भक्त वत्सलम् ने कहा कि ज्योतिष शास्त्र दो विद्याओं पर आधारित है गणित और फलित। उन्होंने कहा कि सही फलादेश के लिए अंक गणित का पूरा ज्ञान जरूरी है। उन्होंने कहा कि ज्योतिष गणना फलादेश करना सरल नहीं है। डॉ. वत्सलम् ने कहा कि ज्योतिष शास्त्र सौ फीसदी सत्य विज्ञान है। अगर फलादेश में झूठ निकलता है तो उसकी बजह अल्पज्ञ ज्योतिषी है। संस्कृत कॉलेज जांगला (शिमला) के प्रिंसिपल डॉ. सुरेश गौतम ने कहा कि ज्योतिष शास्त्र आदिकाल से कालचक्र की गति तय करता है। साथ ही ज्योतिष शास्त्र आत्मबल भी देता है। उन्होंने कहा कि जिसका चंद्रमा कमजोर हो, उसे अपनों से बडों का आशीर्वाद अवश्य लेना चाहिए। संस्कृत कॉलेज स्वारघाट के प्रिंसिपल डॉ. हसंराज शर्मा ने भी अपना शोध पत्र प्रस्तुत किया।