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विवि ने तोड़े छात्र नेताओं के सपने

7 वर्ष पहले
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ठियोगकालेज में केन्द्रीय छात्र संघ के चुनावों की तैयारियां कर रहे विभिन्न छात्र संगठनों की तैयारियां धरी की धरी रह गई हैं। इस साल कालेज में प्रवेश के समय से ही कालेज में एबीवीपी और एसएफआई के बीच नए आने वाले विद्यार्थियों को अपने अपने पक्ष में करने के लिए काफी जोर आजमाईश चल रही थी। कई बार दोनों सगठनों के छात्रों के बीच झड़पें भी हुईं। ठियोग कालेज में एक हजार के आसपास विद्यार्थी हैं और अपर शिमला में ठियोग कालेज के चुनावों को लेकर सभी छात्र संगठन काफी जोर लगाते हैं। पिछले सालों में एसएफआई का दबदबा रहा है, लेकिन पिछले साल छात्र संघ चुनावों में एबीवीपी ने ठियोग कालेज से एसएफआई का सफाया कर डाला था। इस साल दोनों ही छात्र संगठनों के बीच काफी जोर आजमाईश चल रही थी और कई बार मारपीट के बाद नौबत पुलिस थानों तक भी पंहुची। कालेज में कानून व्यवस्था को लेकर पुलिस को भी दखल देना पड़ा।विवि प्रशासन की ओर से इस साल चुनावों को मतदान के जरिए करवाकर मनोनयन के तहत करने के निर्णय के बाद एबीवीपी और एसएफआई के सदस्य निराश हैं। इन चुनावों के लिए एबीवीपी ने काफी तैयारी की थी और एसएफआई भी चुनावों को लेकर सक्रिय थी इन संगठनों के अलावा ठियोग कालेज में एनएसयूआई भी अपना बर्चस्व बनाने के लिए कोशिश कर रही थी।

एबीवीपी के एससीए अध्यक्ष अंकित वर्मा के अनुसार इस बार अध्यक्ष का चुनाव मैरिट के आधार पर होगा जिसमें एबीवीपी को उम्मीद है कि उनका ही अध्यक्ष बनेगा। सगंठन के आधार पर चुनाव नहीं होंगे।छात्र संगठनों की धमा चौकड़ी और रोजाना के तनाव से परेशान विद्यार्थियों ने विवि के सीधे चुनाव करवाने के निर्णय का स्वागत किया है।