आतंकवाद अतंरराष्ट्रीय शांति के लिए खतरा
विश्वके लोग दो बार विश्व युद्ध देख चुके हैं। युद्ध में कितनी तबाही होती है, इसके बारे में भी सभी को ज्ञान है। ऐसे में हमें शांति व्यवस्था बनाए रखनी होगी। यह बात वक्ताओं ने विवि में आयोजित सेमिनार में कही।
विश्वविद्यालय के विधि विभाग एवं सार्वभौमिक शांति मंडल प्रतिष्ठान के संयुक्त तत्वावधान में विश्व में शांति और सुरक्षा विषय पर एक अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी में विदेश से आए वक्ता रोबर्ट एस किटल और डॉ.चुंगसिक योंग ने कहा कि वर्तमान समय में लोग शांति पूर्वक रहना चाहते हैं। इस संदर्भ में पहले ही संपूर्ण विश्व दो विश्व युद्ध झेल चुका है। वर्तमान समय में अंतरराष्ट्रीय शांति के लिए कई प्रकार के खतरे पैदा हुए हैं। इनमें आतंकवाद, क्षेत्राधिकार, धर्म पर आधारित युद्ध और महिलाओं पर अत्याचार इत्यादि शामिल हैं। उनका कहना है कि आतंकवाद आज के समय में विश्व शांति के लिए हर देश के सीमा पार से खतरा बन चुका है। इस परिपेक्ष में विश्व शांति के लिए कार्य करने शांति बनाए रखने की आवश्यकता है। इस अवसर पर कृष्णा अधिकारी और अशोक ठाकुर ने भी अपने विचार रखे।
एचपीयू में विश्व शांति को लेकर आयोजित सेमिनार में भाग लेते देश विदेश से आए प्रतिभागी।
संगोष्ठी में िववि के कुलपति प्रो. एडीएन वाजपेयी को राजदूत शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इस प्रकार की संगोष्ठी एचपीयू में पहली बार आयोजित की गई है तथा इस प्रारंभिक संगोष्ठी के बाद निकट भविष्य में भी कार्यक्रम अयोजित किए जाएंगे। लॉ के विभागाध्यक्ष आचार्य एसएन शर्मा ने सभी का स्वागत किया तथा जापान,अमेरिका और काेरिया से आए प्रतिनिधियों का विशेष रुप से अभिवादन किया।