पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • डेढ़ साल से चला विवाद हुआ खत्म

डेढ़ साल से चला विवाद हुआ खत्म

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
लोगों की हूटिंग से मुख्यमंत्री नाराज, बीच में छोड़ा भाषण

अराजपत्रितकर्मचारीमहासंघ में डेढ़ साल से चला विवाद खत्म हो गया है। बुधवार को एसएस जोगटा ने अध्यक्ष पद की कमान संभाल ली। डेढ़ साल से बंद पड़ा महासंघ का दफ्तर को सरकार ने कर्मचारियों के सुपुर्द कर दिया है। महासंघ ने हवन करवाने के बाद औपचारिक रूप से दफ्तर में कामकाज शुरू किया। कर्मचारियों ने सुबह 10:30 बजे सचिवालय के बाहर रैली निकाली। प्रदेश भर से सैकड़ों कर्मचारी रैली में भाग लेने शिमला पहुंचे थे। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने बाहर आकर कर्मचारियों को संबोधित किया। इस के बाद कर्मचारियों ने ढोल नगाड़ों के साथ जश्न मनाया नाटी डाली। प्रदेश भर से कर्मचारी यहां मौजूद थे। कर्मचारियों ने संबोधित किया आपस में हुए समझौते को कर्मचारी हित में बताया।

गोपालमहासचिव ज्ञान ठाकुर वरिष्ठ उपाध्यक्ष :महासंघ में समझौते के बाद एसएस जोगटा को अध्यक्ष बनाया गया है। गोपाल कृष्ण शर्मा महासचिव बने हैं। दोनों ही शिमला जिला से संबंध रखते हैं स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत है। कांगड़ा जिला से संबंध रखने वाले ज्ञान ठाकुर महासंघ में वरिष्ठ उपाध्यक्ष होंगे। अन्य सीटों पर अभी फैसला नहीं हो पाया है। इस दौरान गैर शिक्षक कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष त्रिलोक ठाकुर, एमआर वर्मा, हेम सिंह ठाकुर, राजीव चौहान, जितेंद्र राणा, जीतराम कश्यप, दीपराम शर्मा, रविंद्र मेहता सहित अन्य भी शामिल थे।

बनेगासंयुक्त डिमांड चार्टर :महासंघ में अध्यक्ष महासचिव द्वारा पदभार संभालने के बाद कर्मचारी एसोसिएशनों के पदाधिकारी उन से मिलने पहुंचे। सभी ने उन्हें डिमांड चार्टर सौंपा। महासंघ के महासचिव गोपाल कृष्ण शर्मा ने कहा कि संयुक्त डिमांड चार्टर बनाया जाएगा। सभी कर्मचारियों की मांगे इसमें शामिल की जाएगी।

अनुबंधकर्मचारी ने भी सौंपा ज्ञापन : सर्वअनुबंध कर्मचारी महासंघ ने 4 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा। महासंघ अध्यक्ष डाॅ. पवन सैनी ने कहा कि एचपीएससी एसएसबी, बैचवाइज भर्ती से लगे कर्मचारियों को ज्वाइनिंग से वित्तीय लाभ देना, तीन साल की सेवा के बाद अनुबंध कर्मियों को नियमित करना, नियमित होने के बाद दो साल का राइडर खत्म करना प्रमुख है।

क्यों कर रहे थे हूटिंग

सायरमेले में झोंटों की लड़ाई जनता के लिए मुख्य आकर्षण होती है। इस लड़ाई को देखने के लिए जनता बेताब थी। आमतौर पर झोंटों की