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टैक्स डिफाल्टर्स को समन किए जारी

7 वर्ष पहले
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स्पेशल कोर्ट में निपटाए जाएंगे मामले

टैक्सके लंबित पड़े मामलों को निपटाने के लिए निगम प्रशासन की ओर से स्पेशल कोर्ट का आयोजन किया जा रहा है। इस कोर्ट में 150 टैक्स के मामलों को लगाया जाएगा। प्रशासन की ओर से इन टैक्स डिफाल्टरों को समन भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सहायक आयुक्त नरेश ठाकुर के कोर्ट में इन डिफाल्टरों को अपना पक्ष रखने और अपनी टैक्स की राशि को जमा करवाने का मौका दिया जाएगा।

अदायगी का मौका

^टैक्सके डिफाल्टरों को प्रशासन की ओर से कोर्ट में आने के लिए समन भेजे जा रहे हैं। इन्हें कोर्ट के समक्ष अपना पक्ष रखने और टैक्स की राशि को अदा करने का भी मौका दिया जा रहा है। अगर समय पर इसका भुगतान नहीं किया जाता है। तो कोर्ट आगामी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी और किसी िकसी ढंग से इसकी भरपाई की जाएगी।

600 से की वसूली

नगरनिगम प्रशासन ने सालों से फंसे करीब 5 करोड़़ रुपए के टैक्स में से तीन करोड़ रुपए की वसूली कर ली है। प्रशासन ने 2200 टैक्स डिफाल्टरों में से करीब तीन करोड की राशि को महज तीन माह की अवधि में वसूला है। इस समय निगम की डिफाल्टर लिस्ट में 600 टैक्स पेयर के नाम शामिल हैं और इनसे प्रशासन को करीब दो करोड की राशि की वसूली करनी है।

भास्कर न्यूज | शिमला

वर्षोंसे निगम के टैक्स अदा करने वाले टैक्स डिफाल्टरों को निगम प्रशासन ने समन भेजना शुरू कर दिए हैं। प्रशासन ने वीरवार को 23 डिफाल्टरों को समन भेज दिए हैं। इसके अलावा निगम की टैक्स शाखा 127 अन्य टैक्स डिफाल्टरों को भी आने वाले दिनों में समन भेजने जा रहा है। इनमें से कुछ ऐसे टैक्स पेयर हैं भी हैं जिन्होंने काफी समय से टैक्स जमा नहीं करवाया है और इन्हें प्रशासन की ओर से कई बार नोटिस जारी भी किए गए हैं। बावजूद इसके टैक्स जमा करवाने पर टैक्स शाखा ने इन्हें डिफाल्टर लिस्ट में डाल दिया था और इसके बाद इन्हें टैक्स जमा करवाने के लिए स्पेशल कोर्ट में जमा होने के लिए समन जारी किए हैं।प्रदेश हाईकोर्ट ने निगम प्रशासन को प्रापर्टी टैक्स में देरी के लिए फटकार लगाई है। कोर्ट की ओर से नगर निगम प्रशासन को जुलाई माह में दो माह का समय दिया था। कोर्ट की ओर से नगर निगम प्रशासन को दो माह के भीतर सारा बकाया टैक्स वसूलने के लिए कहा गया है।इसकी रिपोर्ट कोर्ट के समक्ष पेश करने के लिए कहा है।