पूरे जिले का कंट्रोल रूम बना 100 नंबर
^जिलाके पुलिस थानों में आने वाली अनसेसरी कॉल को फिल्टर करने और शिकायतों पर थाने की पुलिस क्या एक्शन लेती इस पर नजर रखने के लिए इसे शुरू किया गया है। इससे लोगों की शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई होगी। भजनदेव नेगी, एएसपी
लोकल थाने में जाएगी रिपोर्ट
कंट्रोलरूम शिमला में शिकायत दर्ज करने के बाद यहां तैनात पुलिस कर्मी इसे संबंधित थाने को फारवर्ड कर देंगे। इतना ही क्राइम के मुताबिक इस शिकायत को जांच के अधिकारी को सौंपा जाएगा। इसके बाद 100 नंबर पर कॉल करने वाले को उसके थाने से कॉल भी जाएगा। मामले में जांच अधिकारी ने क्या कार्रवाई की इस बारे पूरी जानकारी ली जाएगी।
कार्रवाईहोती थी देरी से
इससेपहले पुलिस की मदद के लिए 100 नंबर डायल करने संबंधित क्षेत्र के पुलिस थाने में घंटी बजती थी। लोगों की ओर से शिकायत बताने के बाद थाने की पुलिस देरी से कार्रवाई करती थी। कई बार तो फोन आने की बात से भी मना कर दिया जाता था। इसी कारण से 100 नंबर को पूरे जिले का कंट्रोल रूम बना दिया गया।
रोजरहे 850 कॉल
पूरेजिले का कंट्रोल रूम बनने के बाद रोज 850 के करीब कॉल रही हैं। इसमें पर्यटकों से लेकर स्थानीय लोग अपने साथ हुई घटना की शिकायतें दर्ज कराते हैं। पर्यटक होटलों में होने वाली बदसलूकी की शिकायत करते हैं तो जिले के अन्य क्षेत्रें घरेलू हिंसा और पड़ोसी द्वारा मारपीट करने की शिकायतें अधिक आती है। कंट्रोल रूम में तीन फोन लाइन हैं। पुलिस कंट्रोल रूम में 100 से अधिक फेक काॅल आती हैं। इन कॉल में अधिकतर कॉल में फोन मिलाने के बाद बच्चे को दे दिया जाता है। इसके अलाव कुछ कॉल ऐसी भी आती है जिनमें कई बार झूठी शिकायतें करते हैं। कई बार लोग शराब के नशे में कभी 100 नंबर में कॉल करते हैं।
भास्कर न्यूज|शिमला
जिलाके किसी भी क्षेत्र से 100 नंबर घुमाने पर अब पुलिस कंट्रोल रूम में घंटी बजेगी। पुलिस कंट्रोल में सबसे पहले आपकी शिकायत दर्ज की होगी। उस पर कार्रवाई के लिए संबंधित पुलिस थाने को तुरंत फारवर्ड कर दी जाएगी। 100 नंबर को पूरे जिले का कंट्रोल रूम बनाने के पीछे फोन के जरिए थानों में आने शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई कर लोगों में पुलिस की छवि को सुधारना माना जा रहा है। पहले 100 नंबर घुमाने पर संबंधित थाने में घंटी बजती थी।