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गेयटी थियेटर में लोगों ने देखा पत्थर का शेर, खजियार झील का मनमोहक नजारा

7 वर्ष पहले
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शिमलाके गेयटी थियेटर में शनिवार को गुरुभेज सिंह के चित्रों की प्रदर्शनी को पर्यटकों और स्थानीय लोगों ने देखा। चित्रकला प्रदर्शनी में सलोगड़ा से चार किलोमीटर दूर करोल टिब्बा की शानदार चित्र देखने को मिला। इसमें पत्थर की शेप में शेर की आकृति बनी है। कहते है कि यहां करोल गुफा में साधु महात्मा ने तपस्या की थी और उनका पैहरा करने के लिए शेर वहां आस पास बैठता था। यहां गलुत में एक गुरुद्वारा है जहां सिक्ख समुदाय के सबसे ज्यादा लोग यहां पैदल पहुंचते हैं। इसके अलावा खजियार झील की मनमोहक चित्र भी लगाया गया है, जिसमें यहां जून महीने से सबसे ज्यादा पर्यटक आते है यहां के प्राकृतिक दृश्य का आनंद लेते है। इसके अलावा यहां आकर्षण का केंद्र बड़े बड़े गुब्बारे है जिसके अंदर बैल्ट बांध कर बच्चे और बड़े घूमने का आनंद लेते है।

एक अन्य चित्र में रिज में 1991 की बर्फ की झलक देखने को मिली। इसमें रिज पर छह फुट बर्फ उस समय गिरि थी। शिमला में इतने पर्यटक आए थे कि कहीं रहने को जगह नहीं मिली थी। आज नाममात्र ही बर्फ गिरती है। कैथली घाट में हनुमान जी के मंदिर का चित्र भी प्रदर्शनी को देखने को मिला। इसमें पहाड़ी पर मंदिर दिखाया है उसके नीचे रेल कार और टनल की झलक देखने को मिली। ‘‘कालका शिमला रेलगाड़ी की यात्रा के अनेक प्राकृतिक मनमोहक दृश्यों को कैमरे में कैद किया गया है, जिसमें ब्रिटिश काल के पुलों के निर्माण की शैली की झलक के साथ-साथ सैलानियों तथा विदेशी पर्यटकों के लुभावने चित्र भी प्रदर्शित किए गए हैं।’’

वहीं सरदार गुरुभेज सिंह ने हिमाचल में अपनी यात्राओं के दौरान यहां के जनजीवन, प्रकृति तथा पर्यावरण को जिस तरह से देखा उसी से संबंिधत कई चित्र भी इस प्रदर्शनी में देखे जा सकते हैं। पिछले 25 सालों से इस तरह के चित्रों को कैमरे में कैद करते रहे हंै। कई पुरस्कार लेकर सम्मानित हो चुके हैं। शनिवार को इस प्रदर्शनी का समापन हो गया।