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विश्वमोहन भट्ट की स्वर लहरियों पर श्रोता हुए मुग्ध
गेयटीथियेटर में शनिवार को अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त संगीतज्ञ ग्रेमी पुरस्कार विजेता पंडित विश्वमोहन भट्ट की मोहनवीणा की झंकार ने शिमला शास्त्रीय संगीत उत्सव की चौथी संध्या पर अपने मधुर संगीत से गेयटी थियेटर में उपस्थित हर श्रोता के मन के तार को झंकृत कर दिया। पंडित विश्वमोहन भट्ट ने स्वनिर्मित विश्व रंजनी राग से कार्यक्रम आरंभ किया और फिर ऐसा समां बंधा कि उनकी वीणा से निकले सम्मोहनी संगीत की लहरियों में श्रोता मग्न होकर संगीत के रस में डूब गए। मोहनवीणा से निकली रस, भाव, भावना के रंगों से ओत-प्रोत संगीत लहरियों ने हर सुनने वाले की आत्मा को छू लिया। संगीत सम्राट स्व.पंडित रविशंकर के शिष्य पंडित विश्वमोहन भट्ट मोहन वीणा के जनक हैं। उत्सव की चौथी संध्या की अध्यक्षता हिन्दी फिल्म शोले और शान जैसी सुपरहिट फिल्मों के निर्देशक रमेश सिप्पी उनकी धर्मप|ी किरण जुनेजा सिप्पी ने की। उन्होंने दीप प्रज्जवलित कर शास्त्रीय संगीत संध्या का शुभारंभ किया। इससे पूर्व, अतिरिक्त मुख्य सचिव, भाषा, कला एवं संस्कृति उपमा चौधरी, विभाग के निदेशक अरूण कुमार ने मुख्य अतिथियों का स्वागत किया। पंडित विश्वमोहन भट्ट ने आत्मा को सुकून देने वाले अपने संगीत से उत्सव की चौथी संध्या को चार चांद लगा दिए। कार्यक्रम के समापन पर रमेश सिप्पी उनकी धर्मप|ी किरण जुनेजा सिप्पी ने प्रस्तुति देने वाले कलाकारों को सम्मानित भी किया।
भाषा एवं संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित शिमला क्लासिकल म्यूजिक फेिस्टवल में उपस्थित श्रोता और पंडित विश्व मोहन भट्ट रंजनी राग प्रस्तुत करते हुए।