राजनीतिक लाभ लेने के लिए लोगों को बांटे
मुख्यमंत्रीवीरभद्र सिंह ने शनिवार को बचत भवन शिमला में 20-सूत्रीय कार्यक्रम की बैठक में जिला में कार्यान्वित की जा रही बड़ी परियोजनाओं के निर्माण में देरी पर चिंता जताई।
उन्होंने कहा कि जहां स्कूलों में शौचालय निर्माण के लिए धन राशि स्वीकृत की गई है, इनमें शौचालयों का निर्माण दो माह के भीतर पूरा किया जाए। प्रदेश के सभी प्राथमिक से वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों में शौचालयों का निर्माण किया जाना चाहिए। प्रदेश के किसी एक स्कूल को भी बिना शौचालय के नहीं चाहते और उन्होंने शिक्षा विभाग को इस वित्तीय वर्ष के अंत तक प्रदेश के सभी स्कूलों में प्राथमिकता के आधार पर शौचालयों का निर्माण करने के निर्देश दिए।
गुणवत्ताहोगी सुनिश्चित
उन्होंनेकहा कि पाठशालाओं में लड़कों लड़कियों के लिए अलग-अलग शौचालयों का निर्माण किया जाए और गुणवत्ता भी सुनिश्चित बनाई जाए। उन्होंने कहा कि पब्बर नदी के तटीकरण के कार्य को गति प्रदान करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाए। पब्बर नदी के तटीकरण की प्रक्रिया को यथा शीघ्र पूरा किया जाए। राज्य के सभी भागों में वन भूमि पर अवैध कब्जों को हटाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने राजनीतिक लाभ के लिए जाति, धर्म क्षेत्र के आधार पर बांटने वालों से सावधान रहने को कहा। उन्होंने कहा कि देश प्रदेश को और अधिक सुदृढ़ करने की आवश्यकता है। इस मौके पर उन्होंने सम्मेलन कक्ष रोशन हाल, आपदा प्रबंधन काॅल सेंटर, स्टेम्पिंग सेंटर आैर राष्ट्रीय भू-रिकाॅर्ड सुगम केन्द्र का शुभारंभ किया। इस केंद्र पर लोगों को डिजिटल (मुसाबी) के नक्शे प्राप्त करने की सुविधा मिलेेगी।
विकासात्मक योजनाआें को समय पर करें पूरा मुख्यमंत्रीने पंचायत प्रतिनिधियों से भी सुझाव मांगे और अधिकारियों को जिले में चल रही विकासात्मक परियोजनाओं को निर्धारित समय के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए। दूरदरारज क्षेत्रों में रसोई गैस की कमी गैस सिलैंडरों के वजन में कमी से संबंधित शिकायतों पर इंडियन आॅयल के अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।
इसमौके पर यह रहे मौजूद
इसमौके पर विद्या स्टोक्स, नंद लाल, रोहित ठाकुर, बलवीर वर्मा, अनिरूद्व सिंह, मोहन लाल बराक्टा, एपीएमसी के अध्यक्ष सुभाष मंगलेट, बृज लाल, अतुल शर्मा, हरीश जनारथा, केहर सिंह खाची, जिला परिषद के सदस्य, ग्राम पंचायतों के प्रधान, पंचायत समितियों के अध्यक्ष तथा विभिन