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बीपीई डिग्रीधारकों को दस अंक देने से शिक्षक खफा

7 वर्ष पहले
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जमादो के बाद तीन साल का डिग्री कोर्स करने वाले बीपीई डिग्रीधारकों को साक्षात्कार में 10 अंक देने से प्रदेश का शिक्षक वर्ग काफी खफा हैं। हिमाचल शिक्षक महासंघ ने अंकों के विभाजन के बारे में आपत्ति जताते हुए कहा कि इन्हें भी बीपीएड डीपीएड की तरह दस अंक िदए जाएं।

महासंघ के महासचिव डाॅ. प्रेम शर्मा ने बताया कि शिमला के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कोटगेहा में डीपीई के साक्षात्कार लिए गए। यह साक्षात्कार एसडीएम शिमला ग्रामीण ने लिए प्रेम शर्मा ने खेद प्रकट करते हुए कहा कि इस साक्षात्कार में अंकों के मापदंड पर बीपीई डिग्री कोर्स काे दस अंक नहीं दिए गए, जिससे इन बेरोजगार शारीरिक शिक्षकों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बीपीएड और डीपीएड को दस अंक दिए जा रहे हंै। प्रेम शर्मा ने इस दोष पूर्ण रवैये का कड़ा विरोध जताते हुए राज्य सरकार से मांग की है कि इस मामले में मैरिट के आधार पर समाधान करके शारीरिक अध्यापकों काे न्याय प्रदान किया जाए।

इंटरव्यूके वक्त विषय विशेषज्ञ का होना जरूरी

साथही उन्होंने बताया कि साक्षात्कार के पैनल में विषय विशेषज्ञ का होना भी अपने आप में कई सवाल खड़े कर रहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी शिक्षक के साक्षात्कार के लिए विषय विशेषज्ञ का होना अत्यंत आवश्यक है। शिक्षक नेता ने कहा कि सरकार शिक्षा विभाग के नियमों के अनुसार डीपीएड, बीपीएड तथा बीपीई एक ही स्तर के प्रशिक्षित कोर्स हैं। उन्हें बराबर के अंक दिए जाने चाहिए। प्रेम शर्मा ने बताया कि कोटगेहा मे लिए गए साक्षात्कार में 27 उम्मीदवार साक्षात्कार देने आए, जिसमें से दस उम्मीदवार बीपीई डिग्री धारक हंै और उन्हें दस अंक देकर उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया शर्मा ने बताया कि यह साक्षात्कार 50 अंकों का लिया गया