पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • हिमाचल में ड्राई स्पेल टूटा, सीजन की पहली बर्फबारी

हिमाचल में ड्राई स्पेल टूटा, सीजन की पहली बर्फबारी

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
भारत का सबसे बड़ा समाचार पत्र समूह

हिमाचल में बर्फबारी से कारोबारी खुश। फोटो: सतनाम गिल

जालंधर/करनाल| पश्चिमीविक्षोभ के सक्रिय होने के चलते शनिवार को मौसम पूरे दिन खराब रहा। सुबह करीब दस बजे से शुरू हुई बारिश रात तक होती रही। इसकी वजह से पारे में तीन डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। शुक्रवार को न्यूनतम तापमान दस सेल्सियस था जबकि शनिवार को जालंधर का तापमान 7.2 सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार कुछ और दिन बादल छाए रहेंगे। रविवार को भी दिनभर बारिश की संभावना है। वहीं हरियाणा में भी दिनभर बारिश होती रही। यहां तापमान में छह डिग्री तक गिरावट दर्ज की गई। बारिश से जहां रोजमर्रा के काम प्रभावित हुए वहीं किसानों के चेहरे खिल गए। दिसंबर की बारिश गेहूं, आलू, गन्ना के लिए लाभदायक है। बरसात के कारण प्रदेश के सभी जिलों में अधिकतम तापमान में करीब छह डिग्री सेल्सियस की कमी दर्ज की गई। न्यूनतम तापमान सिरसा में सबसे कम रहा, जो 6.2 डिग्री सेल्सियस आंका गया।

रोहतांग दर्रे सहित कुल्लू और लाहौल स्पीति में बर्फबारी से दर्रा वाहनों की आवाजाही के लिए पूरी तरह से बंद हो गया है। जलोड़ी दर्रा बंद होने से भी जिला मुुख्यालय कुल्लू से अानी और निरमंड की 60 पंचायतों का संपर्क कट गया है।

राजधानी शिमला में न्यूनतम तापमान 3.2 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं ऊना में तापमान 1.2 डिग्री सेल्सियस रिकाॅर्ड हुआ। बारिश के साथ कड़ाके की ठंड पड़ रही है। विभाग के मुताबिक, आगामी 21 घंटे में इसमें आैर गिरावट सकती है।

मौसम विभाग के निदेशक डा. मनमोहन सिंह ने बताया कि 15 दिसंबर तक प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय रहेगा। रविवार को शिमला, कुल्लू, किन्नौर, लाहौर स्पीति चंबा में भारी बर्फबारी की चेतावनी दी है।

शनिवार को हुई पहली ही बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। जिला शिमला का ऊपरी क्षेत्र यातायात से पूरी तरह कटा हुआ है। नेशनल हाइवे-22 कुफरी के पास बंद होने के चलते ऊपरी शिमला को एक भी बस नहीं जा पाई। सैंकड़ाें वाहन सड़कों पर जगह जगह फंसे हुए हैं। राज्य में 60 के करीब सड़कें बारिश बर्फबारी के कारण ठप पड़ी हुई है। ऊपरी शिमला को बसें चलने के कारण लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

पिछले डेढ़ महीने से बारिश होने से राज्य में सूखे की आशंका हो गई थी। बारिश होने से गेहूं की बिजाई प्रभावित हो रही थी।