निगम की बस जब्त करना गलत
हिमाचलपरिवहन मजदूर संघ ने शिमला में जेएनएनयूआरएम के तहत चलाई जा रही बसों में किराया मांगने पर पुलिस कर्मियों द्वारा एक बस को ही जब्त करने की कड़ी निंदा की है। संघ का कहना है कि कानून की रक्षा करने वाली पुलिस की इस तरह की कार्रवाई निंदनीय है। दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। संघ ने बसों में पुलिस कर्मियों के लिए फ्री ट्रैवलिंग पर बैन लगाने संबंधी फैसले का स्वागत भी किया है।
परिवहन निगम संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष शंकर सिंह ठाकुर ने कहा कि शिमला में कुछ दिन पहले जेएनएनयूआरएम के तहत चलाई जा रही बस में किराया मांगे जाने पर पुलिस कर्मियों ने बस ही जब्त कर ली। यह हैरान करने वाला पहलू है। किराया मांगने पर यदि पुलिस सरकारी बस को जब्त कर सकती है तो प्राइवेट बसों टैक्सियों के साथ उनके व्यवहार का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। इस घटना में संलिप्त पुलिस कर्मियों के खिलाफ यदि जल्द कार्रवाई की गई तो संघ आंदोलन शुरू करने पर मजबूर होगा।
शंकर सिंह ठाकुर ने कहा कि परिवहन निगम प्रबंधन ने एक प्रस्ताव तैयार किया है। इसके तहत निगम की बसों में पुलिस कर्मियों को कंसेशनल ट्रैवलिंग की सुविधा बंद की जा रही है। उन्हें भी आम लोगों की तरह किराया देना पड़ेगा। निगम प्रबंधन का यह फैसला सराहनीय है। इस मामले में संघ निगम प्रबंधन और परिवहन मंत्री के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि इस फैसले को तुरंत प्रभाव से लागू किया जाए।