वाटर गार्डों को बनाया जाए दैनिकभोगी
आॅलहिमाचल पीडब्ल्यूडी, आईपीएच एंड कांट्रेक्चुअल वर्कर की राज्य स्तरीय बैठक में आईपीएच विभाग में पंचायतों के माध्यम से रखे गए वाटर गार्डों को दैनिक भोगी बनाने की मांग प्रदेश सरकार से की गई। तर्क दिया गया कि प्रदेश में रखे गए 6000 वाटर गार्ड निर्धारित चार घंटे की बजाए पूरा दिन कार्य कर रहे हंै, जबकि सरकार उन्हें मात्र 1350 रुपए वेतन दे रही है। यदि इन्हें दैनिक भोगी बनाया गया तो इनसे पूरा दिन कार्य लिया जा सकेगा। राजीव भवन शिमला में हुई बैठक में इंटक के प्रदेशाध्यक्ष बावा हरदीप सिंह और पीडब्ल्डी एंड कांट्रेक्चुअल वर्कर्स यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष सीताराम सैनी भी मौजूद रहे। जबकि आईपीएच विभाग के मुख्य संसदीय सचिव जगजीवन पाल बतौर मुख्यतिथि पहुंचे।
यूनियन ने उन्हें आईपीएच का 16 पीडब्ल्यूडी का 10 सूत्रीय मांग पत्र भी सौंपा। जगजीवन पाल ने मांग पत्र में रखी गई मांगों पर सहानूभूित पूर्वक विचार किया जाएगा। पाल ने बताया कि सीएम के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार सदैव मजदूरों की हितैषी रही है तथा मजदूरों और निम्न वर्ग के लोगों के उत्थान के लिए प्रयासरत हैं। उन्होंने बताया कि मई 2013 में प्रदेश में लागू कंट्री ब्यूट्री पेंशन स्कीम के अंतर्गत आने वाले कर्मचारियों को इसका लाभ अब तक मिलने पर खेद जताया। पाल ने आगे बताया कि मजदूरों कामगारों एवम निम्न वर्ग के लोगों को प्रदेश् में कांग्रेस को बहुमत से जिताना चािहए कि भाजपा के लोकलुभावने और लच्छेदार भाषणों में आकर अच्छे दिनों के झांसे में आना चाहिए।
ये रहे मौजूद
प्रदेशइंटक अध्यक्ष बाबा हरदीप सिंह, महासचिव ठाकुर दास शर्मा, उमेश शर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुभाष शर्मा, विश्वदेव शर्मा, मुंशीराम, जगतार सिंह, कैलाश राणा, राजकुमार चौहान, जितेंद्र गुप्ता, बाबूराम, मोहन सिंह, सुरजीत राणा, विजय जसवाल, सुरेंद्र कुमारी, पूनम शर्मा, तोता राम ठाकुर, केशव चौधरी आदि मौजूद रहे।
> सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग में फोरमैन के पद सृजित करना।
> आईपीएच विभाग में कार्य निरीक्षक के रिक्त पदों को पदोन्नति से भरा जाए।
> आईपीएच विभाग में स्टोर क्लर्क, शिकायत क्लर्क और वाटर क्लर्क की पदोन्नति की जाए।
> 20 वर्ष पूरे कर चुके सर्वेयरों और कार्य निरीक्षकों को भर्ती पदोन्नति में एकमुश्त छूट देकर कनिष्ट अभियंताओं के पदों पर पदोन्नति दें।
> आईपीएच विभाग के प्र