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उपनगरों के लिए आठ बजे के बाद नहीं बस

7 वर्ष पहले
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टैक्सियों को चुकानी पड़ती है भारी राशि

यात्रियोंको घरों या कही जाने के लिए रात के समय एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए बसों की सुविधा ना मिलने के कारण निजी टैक्सियों को भारी राशि चुकानी पड़ती है। जिसमें रात को बस स्टेंड जाने के लिए ही निजी टैक्सी वाले लोगों से बस स्टेंड के लिए 50 गुणा फीसदी राशि वसूलते है। ऐसे में परिवहन विभाग पर सवाल उठता है कि आखिर कैसे पहुंचेंगे यात्री अपने घरों तक। रात के समय लॉग रूट की बसे जो बड़े बस स्टेंड जा रही होती है वे बसें छोटे स्टापेज पर नही रुकती है जिसके कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

भास्कर न्यूज. शिमला

शहरमें रात आठ बजे के बाद लोगों को बसों की सुविधा नहीं मिल पा रही है। रात तक स्टॉपेज पर खड़ा होने पर भी उपनगरों तक कोई भी बस नहीं आती है। लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। रात को लोगों को बस स्टैंड तक जाने के लिए निजी टैक्सियों की भारी भरकम पैसे चुका कर जाना पड़ता है। रात को सफर करने वाले लोगों को बस स्टैंड तक पहुंचने के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई यात्रियों को दूर जाना होता जो कि रात के समय टिकट बुक करा कर घरों से निकलते हैं, लेकिन नए और पुराने बस स्टैंड तक समय से नहीं पहुंच पाते। बड़े शहरों में जाने वाली बसंे छूट जाती हैं। अगर कोई टैक्सी से बस स्टैंड पहुंच भी जाता है तो उससे ज्यादा रुपए एंेठ लिए जाते हैंै।