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प्रदेश में पर्यटन की असीम संभावनाएं:सीएम

7 वर्ष पहले
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मुख्यमंत्रीवीरभद्र सिंह ने कहा कि हिमाचल में पर्यटन की अभी आैर संभावनाएं हैं। राज्य में पर्यटन कारोबार और बढ़ सकता है। अभी तक पर्यटन को संपदा के तौर पर पूरा उपयोग नहीं हुआ है लेकिन प्रदेश सरकार इस लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में प्रयासरत हैं। मुख्यमंत्री विश्व पर्यटन दिवस पर शनिवार को शिमला में आयोजित तीसरे अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन सम्मेलन और ट्रेवल इवेंट्स अवार्ड की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पर्यटन प्रदेश का प्रधान उद्योग बनकर उभरने जा रहा है। सरकार ने ऐसे नीति और नियम निर्धारित किए हैं, इनसे सैलानियों के हितों को सर्वाधिक महत्व देते हुए यह सुनिश्चित बनाया जा सके। पर्यटन क्षेत्र में अधोसंरचना की कमी को दूर करने के लिए संबंधित विभागों के संसाधनों को एक-दूसरे के साथ जोड़ा जा रहा है।वीरभद्र सिंह ने कहा कि पर्यटन क्षेत्र केवल रोजगार के अवसर सृजित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, बल्कि प्रदेश की संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ-साथ आर्थिकी में भी इसका योगदान है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में पर्यटक अधोसंरचना के स्तरोन्नयन के लिए एशियन विकास बैंक द्वारा वित्त पोषित 600 करोड़ रुपये की परियोजना क्रियान्वित की जा रही है। इसके अलावा विश्व बैंक की तकनीकी सहायता से लाहौल-स्पीति तथा किन्नौर जिले में पर्यटन स्थलों को नया रूप देकर पसंदीदा पर्यटक गंतव्यों के तौर पर विकसित किया जाएगा।

होटलइकाइयों को छूट

वीरभद्रसिंह ने कहा कि कठिन क्षेत्रों, पिछड़ी पंचायतों और जनजातीय क्षेत्रों में स्थापित की जा रही होटल इकाइयों को 10 वर्षों की अवधि के लिए विलासिताा कर की अदायगी से छूट दी गई है और इसी तरह की छूट ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित की जा रही पर्यटन इकाइयों को भी अप्रैल, 2014 से लागू है। ग्रामीण क्षेत्रों में गृह इकाइयों को भी विलासित कर की अदायगी में पांच वर्ष की अवधि के लिए छूट दी गई है।

शिमला में वर्ल्ड टूरिज्म डे पर एप्पल फेस्टिवल के विजेताओं को सम्मानित करते मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह।