दोषियों के खिलाफ करेंे कार्रवाई: धूमल
प्रदेशमें स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई हैं। सरकारी अस्पतालों में अस्पताल प्रशासन और चिकित्सकों की लापरवाही के कारण राज्य के गरीब मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सरकार जो दोषी हैं उनके खिलाफ कार्रवाई करे। यह बात पूर्व मुख्यमंत्री प्रेमकुमार धूमल ने यहां जारी बयान में कही।
उन्होंने कहा कि भाजपा शासनकाल में प्रदेश सरकार को स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पुरस्कार से सम्मानित किया गया था, लेकिन कांग्रेस सरकार के लगभग दो वर्षों के शासनकाल में स्वास्थ्य सेवाओं का हाल बेहाल हो गया है। जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि अस्पतालों की ऐसी स्थिति है तो इसमें उपचार करवाने वाले रोगियों को कैसी सुविधाएं मिल रही होंगी। धूमल ने कहा कि प्रदेश के साथ-साथ जिला हमीरपुर का क्षेत्रीय अस्पताल तो रेफरल अस्पताल बनकर रह गया है। उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रशासन की लापरवाही के चलते यहां प्रसव पीड़ा झेल रही महिलाओं को बिना कारण बताए टांडा या शिमला के लिए रेफर कर दिया जाता है। इमरजेंसी में उन्हें निजी अस्पतालों की शरण लेनी पड़ती है। इससे गरीब परिवारों की महिलाओं को ऊंची कीमत चुकानी पड़ती है और उनके परिजनों को भी खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है। मरीजों को समय पर एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। कई बार तो अस्पताल में आवश्यक उपकरण उपलब्ध होने का बहाना बनाकर मरीजों को अन्यंत्र रैफर कर दिया जाता है।