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शहर में वन विभाग ने शुरू किया बंदर पकड़ो अभियान

7 वर्ष पहले
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शिमलामें बंदर के हमले से हुई महिला की मौत के बाद वाइल्ड लाइफ विंग ने बंदर पकड़ो अभियान शुरू कर दिया है। बुधवार को विंग की ओर से रिज चर्च के आसपास पिंजरे लगाकर करीब 15 बंदरों को पकड़ा गया है।

अभियान सुबह 11 बजे से देरशाम तक चलता रहा। पिंजरे में बंदरों को रिझाने के लिए दाने फ्रूट डाले गए थे। इससे विंग ने इन बंदरों को पकड़ने में कामयाबी हासिल की। बंदरों को पकड़ने के बाद टूटी कंडी स्थित नसबंदी केंद्र ले जाया गया। वहां इन बंदरों की नसंबदी की जाएगी। अधिकारियों का दावा है कि अब यह अभियान शहर में रोजाना चलाया जाएगा। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में पिंजरे लगाकर बंदरों को पकड़ा जाएगा, तािक लोगों को राहत मिल सके

आज शहर में बंदरों का आतंक इतना बढ़ चुका है कि लोग अपने बच्चों को घर से बाहर अकेला भेजने में कतराते हैं। इसके अलावा लोगों को भी शहर की सड़कों से सामान या सब्जी आिद लेकर निकलना मुश्किल हो गया है। बंदर रास्ते मंे लोगों से सामान छीन लेते हैं। इसके अलावा शहर में ही नहीं गांवों में भी बंदरों का आतंक दिन प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है। यहां पर कई किसान अब तक खेती करना छोड़ चुके हैं। गांवों में कई बीघा जमीन बंदरों के आतंक के कारण बंजर बन चुकी है।

नसबंदीकी जाएगी

वाइल्डलाइफ विंग ने शहर में उत्पात मचाने वाले बंदरों को पकड़ने के लिए यह विशेष अभियान शुरू किया है। अधिकारियों का दावा है कि इस अभियान के तहत शहर मे उत्पात मचा रहे सभी बंदरों को पकड़कर उनकी नसबंदी की जाएगी। इससे इनकी बढ़ती संख्या पर भी अंकुश लग सकेगा।

पहलेसे चला है अभियान

बंदरोंकी नसबंदी का अभियान प्रदेश में पहले से ही चल रहा है। बावजूद इसके प्रदेश में बंदरों की संख्या कम होने की बजाए बढ़ती जा रही है। यह नसबंदी पर बड़े सवाल खडे़ कर चुकी है। यह सरकार आम जनता के लिए परेशानी बनती जा रही है। हालांकि सरकार का दावा है कि अभी तक प्रदेश में 75 हजार बंदरों की नसबंदी की जा चुकी है। बहरहाल अब वाइल्ड लाइफ विंग ने बंदर पकड़ो अभियान को फिर से शुरू कर दिया है। इसे शहर में रोज चलाया जाएगा। अब इससे लोगों को कितनी राहत मिलती है और बंदरों की संख्या कितनी कम होती है यह तो भविष्य में ही पता चलेगा पर इस अभियान से लोगों को राहत की उम्मीद जगी है।

विंग नसबंदी के तीन दिन के बाद बंदरों को उसी स्थान पर छोड़ेगा, जहां से इन्हें पकड़ा गया ह