दो अक्तूबर से आधार पर मनरेगा का भुगतान
शिमला | भारतसरकार ने मनरेगा कामगारों की अदायगी के लिए 2 अक्तूबर से आधार आधारित अदायगी प्रणाली (एबीपीएस) कार्यान्वित करने के लिए हिमाचल प्रदेश को पायलट राज्य के तौर पर चुना है। प्रधान सचिव ग्रामीण विकास और पंचायती राज मनीषा नंदा ने कहा कि ग्रामीण विकास और सूचना प्रौद्योगिकी विभागों के ज़िला अधिकारियों, विभिन्न बैंकों के अधिकारियों, एनआईसी, भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण आैर भारत सरकार के प्रतिनिधियों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी। उन्होंने कहा कि देश में केवल हिमाचल प्रदेश एक ऐसा राज्य है, जहां 95 प्रतिशत से अधिक निवासियों के आधार कार्ड बनाए जा चुके हैं। इसके परिणामस्वरूप भारत सरकार ने मनरेगा कामगारों की अदायगी के लिए इस प्रणाली को कार्यान्वित करने के लिए हिमाचल प्रदेश को चुना है। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण चंडीगढ़ की उप महानिदेशक केशनी आनंद, संयुक्त सचिव, मनरेगा, भारत सरकार आर सुब्राहमणय, भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण, नई दिल्ली के सहायक निदेशक राजेश बंसल ने भी वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से प्रतिभागियों को संबोधित किया।