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प्रदेश में निजी यूनिवर्सिटीज की सीटें होंगी रिव्यू
हिमाचलमेंचल रहे प्राइवेट यूनिवर्सिटी में कोर्सेज का रिव्यू होगा। शैक्षणिक सत्र 2015-16 के लिए सीटों को अप्रूव किया जाना है। राज्य नियामक आयोग प्रदेश में चल रही सभी प्राइवेट यूनिवर्सिटीज की इंस्पेक्शन करेगा। इसकी प्रक्रिया शुरू हो गई है। यूनिवर्सिटी में यूजी और पीजी स्तर के जितने भी कोर्सेज चल रहे हैं उनकी इंस्पेक्शन की जाएगी।
किस यूनिवर्सिटीज ने कौन कौन से कोर्स अप्रूव करवाए हुए हैं। किस विषय में कितनी सीटें अप्रूव हैं। इसके लिए नियमों के अनुसार क्या इंफ्रास्ट्रक्चर होना चाहिए। स्टूडेंट टीचर रेशो क्या होना चाहिए इसे देखा जाएगा। हर यूनिवर्सिटीज से इस बारे में पूछा जाएगा। यूनिवर्सिटीज यदि सीटें कम करना चाहती है या बढ़ाना चाहती है तो इस पर उनकी राय भी जानी जाएगी।
यूनिवर्सिटीज इन सीटों को बढ़ाना चाहती है या कम करना चाहती है इस पर भी राय जानी जाएगी। इंस्पेक्शन के बाद इसकी रिपोर्ट तैयार कर नए सिरे से सीटें तय की जाएगी।
छात्रमिलने से कई कोर्स किए थे बंद
इससेपहले जुलाई में यूनिवर्सिटीज की सीटों को रिवाइज किया गया था। 16 निजी यूनिवर्सिटी में कुल 17848 सीटें अप्रूव थी। 998 सीटों को कम कर दिया गया था। 16850 सीटें ही रह गई हैं। एडमिशन कम होने के चलते विश्वविद्यालयों ने खुद ही सीटों की संख्या कम कर दी है। प्रोफेशनल कोर्सेज में सीटों को कम किया गया है।
हिमाचल में 16 प्राइवेट यूनिवर्सिटीज चल रही हैं। इस में महाराजा अग्रसेन, एपीजी, अर्नी यूनिवर्सिटीज, बद्दी यूनिवर्सिटीज, बहारा विवि, करिअर प्वाइंट यूनिवर्सिटीज, इर्टनल विवि,आईसीएफएआई,आईइसी, इंडस इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी, मानव भारती, शुलिनी यूनिवर्सिटीज,श्री सांई यूनिवर्सिटीज, महर्षि मार्कंडेश्वर यूनिवर्सिटीज, चितकारा यूनिवर्सिटीज और अभिलाषी यूनिवर्सिटीज चल रही है।
विवि पहले अब
एपीजी विवि 1314 1194
अर्नी विवि 2225 1955
बद्दी विवि 1800 1380
मानव भारती 1290 1110
शूलिनी विवि 1495 1487
राज्य नियामक आयोग ने जुलाई महीने में प्राईवेट यूनिवर्सिटीज की इंस्पेक्शन की थी। यूनिवर्सिटीज को निर्देश दिए गए थे कि जिस हिसाब से उन्हें सीटें अप्रूव हुई है फैकल्टी की व्यवस्था उसी तरह से की जाए। फैकल्टी की व्यवस्था नियमों के तहत करें या सीटों को कम कर दें। यूनिवर्सिटीज ने जिन कोर्सेज में एडमिशन नाम मात्र की हो रही थी उन्हें ब