एम्स के लिए खींचतान
धर्माणी बंबर मांग रहे जिला के लिए एम्स
मुख्यसंसदीय सचिव एवं घुमारवीं के विधायक राजेश धर्माणी ने भी प्रस्तावित एम्स बिलासपुर में खोलने की वकालत की है। ऐसा बड़ा इंस्टीट्यूट खुलने से जिले का विकास होगा। विधायक बंबर ठाकुर की भी यही राय है। बिलासपुर में एम्स खुलने से भाखड़ा विस्थापित बहुल इस जिले के दिन अवश्य बहुरेंगे।
नड्डा के गृह जिला की दावेदारी सशक्त
नयनादेवीके विधायक एवं भाजपा के प्रदेश महासचिव रणधीर शर्मा एम्स स्तर के इंस्टीट्यूट के लिए कोठीपुरा का नाम आगे कर चुके हैं। हाल ही में उन्होंने कोठीपुरा में पशु पालन विभाग के फॉर्म हाऊस में उपलब्ध लगभग 1200 बीघा भूमि के दस्तावेजों के साथ इस मांग को लेकर डीसी को ज्ञापन भी दिया था। वहीं, घुमारवीं भाजपा मंडल ने इस इंस्टीच्यूट के लिए अमरपुर का नाम आगे किया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा के गांव विजयपुर के साथ लगते अमरपुर में घुमारवीं भाजपा ने पर्याप्त जमीन उपलब्ध होने का दावा भी किया है। कांग्रेस हिलोपा के साथ ही कई संगठन भी इसके लिए बिलासपुर जिला की जोरदार वकालत कर रहे हैं। ऐसे में एम्स स्तर के संस्थान की सौगात नड्डा के गृह जिला को मिल सकती है।
एक्स को िबलासपुर का पहला हक
व्यापारमंडल बिलासपुर के अध्यक्ष सुनील गुप्ता, वरिष्ठ नागरिक सभा के महासचिव रतनलाल शर्मा दुर्गा संकीर्तन मंडल के अध्यक्ष दीपक पाटिल का कहना है कि कांगड़ा संसदीय क्षेत्र में टांडा, शिमला में आईजीएमसी मंडी में मेडिकल कॉलेज पहले से चल रहे हैं। हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत हमीरपुर में भी मेडिकल कॉलेज को मंजूरी पहले ही मिल चुकी है। वहां और भी कई बड़े इंस्टीट्यूट हैं। ऐसे में एम्स पर सबसे पहला हक बिलासपुर का ही बनता है। वैसे भी भाखड़ा विस्थापित बहुल इस जिले में एक भी बड़ा संस्थान नहीं है। जिला जहां विकास की दौड़ में पीछे छूट गया है, वहीं लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी बेहद कम हैं।
अनुराग-धूमल अलाप रहे हमीरपुर का राग
पूर्वमुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल और लोकसभा सांसद अनुराग ठाकुर एम्स स्तर का इंस्टीच्यूट हमीरपुर में खोलने के प्रयासों में हैं। अपने-अपने स्तर पर प्रेस कान्फ्रेंस या प्रेस बयान जारी करके इन दोनों नेताओं ने इसके लिए हमीरपुर के नाम की वकालत की है। परिवहन मंत्री जीएस बाली तथा नाहन के विधायक एवं पूर्व स्वास्थ्य मंत्री राजीव ब