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कारोबारियों की समस्या के हल के लिए बजट में हो अलग फंड

6 वर्ष पहले
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राजधानीशिमला के कारोबारी नगर निगम के बजट से शिमला शहर को सुंदर स्वच्छ बनाने के साथ-साथ अपने लिए भी विशेष प्रावधान करने की आस लगाए बैठे हैं। कारोबारियों का कहना है कि वह सरकार निगम से कोई सहायता नहीं लेते। इसके बावजूद भी वह टैक्स अदा करते हैं। ऐसे में निगम को चाहिए कि वह कारोबारियों की समस्याओं पर भी बजट में अलग धनराशि का प्रावधान करें। 13 फरवरी को होने वाली बजट की बैठक में जहां कारोबारी वर्ग के लिए टैक्स स्लैब पड़ोसी राज्यों की तर्ज पर किया जाए। ऑकलैंड टनल शापिंग कांप्लैक्स वेलफेयर एसोसिएशन के कारोबारियों का कहना है कि उनके शॉपिंग कांप्लैक्स में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। निगम की ओर से यहां कोई सुविधाएं नहीं दी गई है। इस बार के बजट में ऑकलैंड शापिंग कांप्लैक्स के लिए एमसी पदाधिकारी अलग बजट का प्रावधान करें।

कॉम्पलैक्स में लीकेज समस्या को दूर किया जाए

{कॉम्पलैक्स में लीकेज समस्या को दूर किया जाए।

{ कांप्लैक्स में शौचालय का निर्माण किया जाए।

{ कारोबारियों के लिए शापिंग माल के साथ पार्किंग बनाई जाए।

{ कांप्लैक्स में पीने के पानी का प्रावधान किया जाए।

{ आईजीएमसी की तरफ से पीडब्ल्यूडी ढारे के पास से होते हुए टनल को जाने वाली टूटी हुई सीढिय़ों को जल्द ठीक करवाया जाए।

{यहां की और जो भी समस्या जो भी हैं उसका जल्द हो हल

व्यापार मंडल के पदाधिकारियों के सुझाव

{नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं मुहैया करवाई जाए।

{ शहर में नए शौचालयों का निर्माण किया जाए।

{ शहर में सफाई व्यवस्था दुरूस्त की जाए।

{ पार्किंग के लिए उचित जगहों का चयन करके नई पार्किंगें बनाई जाए।

ढाई हजार से अधिक कारोबारी एमसी क्षेत्र में

नगरनिगम शिमला क्षेत्र में करीब ढाई हजार से अधिक कारोबारी हैं। इसमें शिमला मालरोड, लोअर बाजार, गंज बाजार, मिडल बाजार, लक्कड़ बाजार, ढली, संजौली, छोटा शिमला, कसुम्पटी, विकास नगर, खलीणी, ओल्ड बस स्टैंड, टुटू, बालूगंज, समरहिल समेत कई स्थानों पर कारोबारी बसे हैं। बजट के दौरान कारोबारियों ने लोगों की सुविधाओं के साथ-साथ शिमला शहर को सुंदर बनाने पर भी सुझाव दिया है।

{ नालों का चैनेलाइजेशन किया जाए।

{ बिजली पानी की उचित व्यवस्था की जानी चाहिए।

डीपी पुरी

इंद्रजीत सिंह

नितीन सोहल

डॉ. केएल जसवाल

जितेंद्र भारद्वाज

मनीष जोशी