डीबीटीएल: सब्सिडी की सूचना नहीं
सिलेंडर मिलने पर ही मिलेगा सब्सिडी का पैसा
गैससब्सिडी का पूरा पैसा बैंक खाते में जमा होगा। ये पैसा तब जारी होगा जब सिलेंडर की रिसीविंग रसीद एजेंसी के पास जमा होगी। पैसा जमा होने की सूचना बैंक क्यों नहीं दे रहे इसका पता लगाया जाएगा। राजीवपाण्डेय, क्षेत्रीयप्रबंधक आईओसी
आधी-अधूरी तैयारी से योजना िफर शुरू
तेलकंपनियों ने लोगों को डीबीटीएल योजना से जोड़ने के लिए मैसेज पर मैसेज किए ताकि योजना को सफलता पूर्वक शुरू किया जा सके। लेकिन तेल कंपनियों ने अपनी आधी अधूरी तैयारी के साथ योजना को शुरू किया। लोगों की सुविधा का दम भरने वाली तेल कंपनियों की यह सेवा लोगों के लिए परेशानी का एक कारण बन चुकी है। सिलेंडर की सब्सिडी का पैसा लोगों के बैंक खाते में जमा हुआ है इसकी कोई सूचना तो तेल कंपनी की तरफ से ग्राहक को रहा है और ही संबंधित बैंक ग्राहक को सूचित कर रहा है कि उसका सब्सिडी का पैसा बैंक खाते में जमा हो गया है ताकि ग्राहक अपने पैसे को लेकर निश्चिंत रह सके।
भास्कर न्यूज | शिमला
केंद्रद्वाराशुरू की गई गैस सब्सिडी योजना लोगों के लिए परेशानी का सबब बन चुकी है। सब्सिडी का पैसा लोगों के बैंक खाते में जमा हुआ या नहीं इसका पता लगाने के लिए लोगों को या तो बैंकों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं या गैस एजेंसी जाकर सब्सिडी की जानकारी लेनी पड़ रही है।
दावा किया जा रहा था बुकिंग के तुरंत बाद सब्सिडी का पैसा ग्राहक के बैंक खाते में जमा होगा लेकिन ऐसा नहीं है। जब तक मजदूर सिलेंडर की रिसीविंग रसीद एजेंसी में जमा नहीं कर देता तब तक सब्सिडी का पैसा बैंक खाते में जमा नहीं होगा। सिलेंडर एजेंसी के पास जमा होने के बाद कब पैसा लोगों के बैंक खाते में जमा होगा इसकी भी कोई सूचना ग्राहक को नहीं दी जा रही। इससे ग्राहक काफी परेशानी में हैं। वह इसी पसोपेश में है कि बैंक में सब्सिडी का पैसा पहुंच गया है या नहीं। यह पता लगाने के लिए लोग बैंक और एजेंसी के चक्कर लगाने को मजबूर है।
414.32रुपए का सवाल
गैससब्सिडी के मिलने वाले 414.32 रुपए के लिए लोगों को बैंक या तेल कंपनी से मिलने वाले मैसेज का बेसब्री से इंतजार रहता है। यह मैसेज लोगों को उनके मोबाइल फोन पर नहीं रहा है। सब्सिडी का मैसेज को देख कर लोग कम से कम बेफ्रिक तो हो जाते हैं।