दो घंटे में मिलेगी टेस्ट रिपोर्ट
आईजीएमसीमेंमरीजों को टेस्ट रिपोर्ट के लिए तो पूरा पूरा दिन लाइनों पर लगना पड़ेगा और ही हाथ से लिखी रिपोर्ट मिलेगी। मरीजों को समय पर ब्लड टेस्ट रिपोर्ट देने के लिए आईजीएमसी की ब्लड एनालाइजर फुली आॅटोमैटिक मशीन को प्रिंटर से जोड़ने के काम शुरू हो गया है। इस पर करीब दो लाख रुपए खर्च आएगा।
अस्पताल में चार साल पहले 50 लाख रुपए की ब्लड एनालाइजर फुली आॅटोमैटिक मशीन लगाई थी लेकिन इससे इंटरफेस सिस्टम आज दिन तक नहीं जोड़ा गया। इस कारण मरीजों को पहले की तरह ही शाम चार बजे हाथ से लिखी रिपोर्ट मिलती थी। इस मुद्दे को दैनिक भास्कर ने 30 जून को उठाया था। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने हरकत में आया है। दो माह में इसका फायदा मरीजों को मिलना शुरू हो जाएगा।
ब्लड एनालाइजर फुली ऑटोमेटिक मशीन के पूरी तरह से काम करने के बाद टेस्ट रिपोर्ट दिन में दो बार दी जाएगी। इसके लिए अस्पताल प्रबंधन ने दो समय निर्धारित किए हैं। टेस्ट रिपोर्ट का पहला लॉट दोपहर 11.30 बजे और दूसरा लॉट की रिपोर्ट 3.00 बजे मिलेगी। अस्पताल में सुबह आठ से नौ बजे के बीच सैंपल देने वाले मरीजों को रिपोर्ट 12 बजे मिल मिलेगी। 12 बजे तक सैंपल देने वालों को तीन बजे तक रिपोर्ट मिलेगी।
अब क्या होगा
इंटरफेससिस्टम से फुली ऑटोमेटिक मशीन जुडेने से सैंपल डालने की जरूरत होगी। उसके बाद मरीज का कोड सीआर नंबर, नाम, पता और मोबाइल नंबर फीड होगा। मशीन कुछ देर में ब्लड सैंपल की जांच की पूरी रिपोर्ट सेव कर लेगी और उसका प्रिंट आउट निकाल देगी। जिन मरीजों ने मोबाइल नंबर या मेल आईडी दिया होगा उन्हें रिपोर्ट की सूचना भी इसी दौरान मिल जाएगी।
बायोकेमिस्ट्री लैब हाईटैक
बायोकैमिस्ट्रीकी लैब को पूरी तरह से हाइटेक किया जा रहा है। मशीन को इंटरफेस सिस्टम से जोड़ा जा रहा है। लोगों को आईजीएमसी में दो महीने के बाद प्रिंटेड टेस्ट रिपोर्ट बिना लंबा इंतजार किए मिलनी शुरू हो जाएगी। इसके लिए काम शुरू हो चुका है। डॉ.राहुल राव, डिप्टीएमएस, अाईजीएमसी
अभी ये है सिस्टम
बायोकेमिस्ट्रीकी लेब में हाइटेक मशीन से टेस्ट रिपोर्ट उसके साथ लगी स्क्रीन पर डिसप्ले होती है। इसके बाद लैब कर्मचारी रिपोर्ट को रिकोजीशन फार्म पर हाथ से लिखता है। ऐसे में टेस्ट रिपोर्ट देरी से मिलती है। इस कारण मरीजों को दिक्कत होती है।
11टेस्टबायोकेमिस्ट्री लेब में लगी ब्लड एनालाइजर मशी