नाहन ड्रग इंस्पेक्टर का कुल्लू तबादला
भ्रष्टाचारको लेकर विवादों में रहे जिले नाहन के ड्रग इंस्पेक्टर निशांत सरीन का ट्रांसफर कुल्लू कर दिया गया है। ड्रग इंस्पेक्टर के तबादले अादेश 12 दिसंबर ही जारी हुए हैं। उन्हें सिरमोर जिले से हटा कर कुल्लू तैनात कर दिया गया है। इस तबादले के बाद सिरमोर में मौजूद फार्मा उद्योगपतियों ने राहत की सांस ली है।
ड्रग इंस्पेक्टर का पैतरा उनके पर उल्टा पड़ गया। नाहन के फार्मा उद्योगपतियों और ड्रग इंस्पेक्टर में टकराव की स्थिति पैदा होने के बाद फार्मा उद्योग संघ की आेर से ड्रग इंस्पेक्टर पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए थे। इसे लेकर संघ के पदाधिकारियों ने बयान भी जारी किए थे। यह बात सरकार तक पहुंच गई। खुद को बचाने को लेकर ड्रग इंस्पेक्टर ने संघ के पदाधिकारियों पर उनके पक्ष में बयान देने को कहा। फिर संघ के इसी ड्रग इंस्पेक्टर के पक्ष में आने शुरू हुए। लेकिन सरकार के गले यह बात नहीं उतर रही थी कि जिस संघ के पदाधिकारी ड्रग इंस्पेक्टर के खिलाफ बयानबाजी कर रहे थे, वही संघ के लोग अब उसके पक्ष में बोल रहे हैं। सूत्रों की माने तो सिरमोर के ड्रग इंस्पेक्टर का ट्रांसफर इन्हीं कारणों से किया गया है। सिरमौर के ड्रग इंस्पेक्टर के तबादले की पुष्टि राज्य दवा नियंत्रक नवनीत मरवाह ने की है।
एक-दूसरेपर जड़ा आरोप
नंवबरमहीने में ही फार्मा उद्योगपति और इस्पेक्टर की तरफ से एक दूसरे पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए जा रहे थे। क्षेत्र के फार्मा उद्योग के उद्योपतियों ने राज्य सरकार के पास लिखित में शिकायतें भेजी। सीएम से लेकर राज्यपाल स्वास्थ्य मंत्री को की शिकायतों में ड्रग इंस्पेक्टर निशांत सरीन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए थे। वहीं डीआई निशांत सरीन इन शिकायतों को एक सोची समझी साजिश बताया था। डीआई के अनुसार फार्मा उद्योग से जुड़ी कई कंपनियां सही मानकों पर दवाओं का निर्माण नहीं करने की बात कही थी।