चार्जशीट जांच रहे अफसरों को अहम पद
कांग्रेसचार्जशीटमामलों की जांच कर रहे अधिकारियों को सरकार ने जिलों में अहम जिम्मेवारी दी है। सरकार ने दो माह पूर्व आईजी विजिलेंस आनंद प्रताप सिंह को आवासीय आयुक्त दिल्ली लगाया है। कांग्रेस चार्जशीट मामले की जांच के लिए गठित स्पेशल इंवेस्टिगेशन यूनिट (एसआईयू) के वे हेड हैं। फोन टैपिंग सहित कई अहम मामलों की जांच इनके अधीन चल रही है। विजिलेंस फोन टैपिंग मामले का चालान कोर्ट में पेश कर चुकी है। एसपी शिमला डीडब्ल्यू नेगी के पास विजिलेंस का चार्ज भी है। सांसद वीरेंद्र कश्यप स्टिंग मामला, अनाडेल भूसौदे सहित हर मामलों की जांच इनके अधीन है। एसपी सोलन रमेश छाज्टा के पास एसपी विजिलेंस का कार्यभार भी है। बैम्लोई बिल्डर मामले की जांच इनके अधीन है।
विजिलेंसमें 9 अधिकारी कम
विजिलेंसमें जांच अधिकारियों की कमी है। विजिलेंस की तरफ से सरकार को मामला भेजा है। इनमें इंस्पेक्टर के 7 पद, सब इंस्पेक्टर का 1 और डीएसपी का एक पद है। सरकार ने अभी इन पदों पर तैनाती नहीं दी है।
डेढ़साल में किए चालान पेश
विजिलेंसमें जांच अधिकारियों की कमी है। इसके बावजूद जांच में कोई ढील नहीं बरती जा रही है। विजिलेंस ने डेढ़ साल में कांग्रेस चार्जशीट के तीन मामलों में चालान पेश कर दिया है। इसमें सबसे महत्वपूर्ण एचपीसीए के दो मामले सहित फोन टैपिंग और भाजपा सरकार में रहे मंत्री का मामला शामिल है। अन्य मामलों की जांच अभी चल रही है।