पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • पशु बलि पर फैसला सुरक्षित रखा

पशु बलि पर फैसला सुरक्षित रखा

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
पशुबलिप्रथा पर रोक के फैसले पर पुनर्विचार याचिका के आवेदन पर हाईकोर्ट अपना फैसला सुरक्षित रखा है। दशहरा के आगमन को ध्यान में रख कर दायर आवेदन में दलील दी गई है कि पशु बलि लंबे समय से चल रही है। जनआस्था के कारण हाईकोर्ट इस पर पुनर्विचार करे। राज्य सरकार की ओर से ये भी दलील दी गई कि मामला आस्था का होने के कारण अदालत का हस्तक्षेप कानूनी तौर पर वाजिब नहीं लगता। विशेषतया जब प्रिवेंशन ऑफ क्रूअल्टी टू एनिमल एक्ट में भी धार्मिक पूजा को ध्यान में रख कर पशु मारने की छूट है। सरकार के अनुसार राज्य का कोई धर्म नहीं होता और वह सभी धर्मों का समान आदर करता है। कानून से इस तरह की पाबंदियां लागू नहीं हो सकती। प्रार्थियों के अनुसार पुराणों उपनिषदों और शास्त्रों में बलि प्रथा को उल्लेख है। अनुष्ठानों में बलि देना गलत नहीं है। याचिकाकर्ताओं के अनुसार बलि प्रथा किसी भी धर्म का अभिन्न हिस्सा नहीं है। न्यायाधीश राजीव शर्मा, सुरेश्वर ठाकुर की खंडपीठ के समक्ष मामले में लंबी बहस हुई।