शिमला. हिमाचल में विवादों से घिरी पंचायत सहायकों की भर्ती की प्रक्रिया का रास्ता साफ हो गया है। अब इनकी भर्ती के लिए लिखित परीक्षा का आयोजन स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला करेगा। अब पंचायती राज विभाग में इस पर सहमति बनने के बाद मसौदे को राज्य मंत्रिमंडल की 13 फरवरी को होने वाली बैठक में मंजूरी के लिया लाया जाना है।
प्रदेश मंत्रिमंडल की हरी झंडी मिलने के बाद पंचायत सहायकों के 350 पदों को भरने के लिए स्कूल शिक्षा बोर्ड की आेर से नए सिरे से आवेदन मांगें जाएंगे। इन आवेदनों का शुल्क भी तय किया जाना है। इससे पहले विभाग ने सीधे ही साक्षात्कार कर चयन करने का फैसला लिया था। इसमें विभाग को पचास हजार से ज्यादा आवेदन मिले। इसमें से अावेदनों की छंटनी के बाद विभाग को फर्जी सर्टिफिकेट जमा करवाने की आशंका जताई गई थी।
इस कारण पूरी भर्ती प्रक्रिया को पंचायती राज विभाग ने रद्द कर दोबारा से शुरू करने का फैसला लिया था। विभाग ने अब स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला के माध्यम से लिखित परीक्षा आैर साक्षात्कार दोनों करवाने का फैसला लिया है। बोर्ड में साक्षात्कार लेने के लिए विभाग के विशेषज्ञ अधिकारियों को भेजा जाना है। 350 पंचायत सहायकों को नियुक्ति अनुबंध के आधार पर दी जानी है। भविष्य में इन्हें रेग्युलर करने के लिए दिक्कत आए, इसलिए लिखित परीक्षा के आधार पर नियुक्ति करना अनिवार्य था। अब नई नियुक्ति प्रक्रिया से युवाआें को भी काफी राहत मिलेगी।
लिखित परीक्षा में जमा दो स्तर के प्रश्न पूछे जाएंगे
स्कूलशिक्षा बोर्ड की आेर से पंचायत सहायकों की लिखित परीक्षा में जमा दो स्तर तक की शिक्षा पर आधारित प्रश्न पूछे जाने हैं। हिंदी, अंग्रेजी के साथ हिमाचल के सामान्य ज्ञान के 85 फीसदी की लिखित परीक्षा होगी। 15 फीसदी अंक साक्षात्कार के लिए सुरक्षित रखे गए हैं। पंचायती राज मंत्री अनिल शर्मा ने माना कि पंचायत सहायकों की नियुक्ति अब स्कूल शिक्षा बोर्ड के माध्यम से लिखित परीक्षा होगी। इसमें चयनित प्रार्थी ही साक्षात्कार के लिए पात्र होंगे।