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संगठन के लिए कारगार साबित होंगे सम्मेलन: सीएम

6 वर्ष पहले
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दिल्लीसे लौटने के बाद मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह सीधे कांग्रेस के तीन दिवसीय सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए कांग्रेस भवन पहुंचे। सम्मेलन के बाद पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि संगठन में सुधार के लिए सम्मेलन काफी कारगर साबित होगा। इन सम्मेलनों मेें नेताआें आैर कार्यकर्ताआें के बीच में सीधा संवाद हो सकता है। इससे सरकार आैर कार्यकर्ताआें के बीच गैप होने के कारण जो मसले नहीं पहुंच पाते हैं, उन्हें भी नेताआें को जानने का मौका मिलता है।

कईयोजनाएं चलाई

पार्टीकी राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी के निर्देशों के बाद हिमाचल में भी पार्टी अध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने इसका आयोजन किया है। राज्य में कांग्रेस सरकार की नीतियों को भी कार्यकर्ताआें के इस दौरान ही पता चल सकेगा। राज्य में प्रदेश सरकार की आेर से कई विकासात्मक योजनाएं चलाई जा रही है।

हमारे कार्यकर्ताआें को इन योजनाआें को आम लोगों तक पहुंचाना चाहिए। इससे लोग राज्य सरकार की योजनाआें से लाभांवित हो सकेंगे। प्रदेश सरकार ने लोगों को लाभ देने के लिए बहुत सी योजनाएं चलाई हुई हैं यदि लोगों तक ये योजनाएं सही ढंग से पहुंच सके तो जनता आसानी से इन कई विकासात्मक योजनाएं चलाई जा रही है। योजनाओं का लाभ उठा सकते हैं। 2दिन चलेगा सम्मेलन

हिमाचलप्रदेश कांग्रेस के सम्मेलन अगले दो दिन भी जारी रहेगा। इस दौरान प्रदेश कांग्रेस, मंत्री, अग्रणी संगठनों के नेता आें पंचायत प्रतिनिधि इसमें हिस्सा लेंगे। रविवार को बैठक में विद्या स्टोक्स, कौल सिंह, हरभजन सिंह भज्जी, राम लाल ठाकुर, हर्ष वर्धन चौहान, कुलदीप कुमार, मुकेश अग्निहोत्री, ठाकुर सिंह भरमौरी, धनी राम शांडिल, चंद्र कुमार, हर्ष महाजन, एनएन विद्यार्थी, रंगीला राम, बीरू राम, अजय महाजन, राजेश धर्माणी, इंद्रदत्त लखनपाल, बंबर ठाकुर, सुरेंद्र चौहान, नरेश चौहान, प्रदीप वर्मा, कुलदीप सिंह पठानिया, सुरेंद्र भारदाज, संतोष धीमान अन्य कार्यकर्ता पदाधिकारी मौजूद रहे।

दिल्ली में हिमाचल का पक्ष मजबूती से रखा

मुख्यमंत्रीने कहा कि हिमाचल का पक्ष नीति आयोग की बैठक में मजबूती से रखा है। राज्य को पहाड़ी राज्य होने के नाते पहले की तरह विशेष अनुदान राशि सहित अन्य कई मसलों को बैठक में रखा। उन्होंने उम्मीद जाहिर की है कि राज्य को नीति आयोग के गठन के बाद भी केंद्र की आेर से बेहतर वित्तीय सहायता मिलती रहेगी। दिल्ली की बैठक में राज्य में मनरेगा से लेकर अन्य योजनाआें में हो रही कटौती के मसलों को भी उठाया। राज्य में केंद्र की आेर से की जा रही कटौतियों के कारण कई योजनाएं जमीनी स्तर पर प्रभावित हो रही है। इस मसले को भी बैठक में उठाया।