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तीमारदारों की पार्किंग पर डॉक्टर्स का कब्जा

6 वर्ष पहले
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जिलाप्रशासन की ओर से करीब दो सप्ताह पहले आईजीएमसी के बाहर जो पार्किंग रोगियों के साथ आए तीमारदारों के लिए अलॉट की गई थी, उसमें अभी भी डॉक्टरों ने कब्जा किया हुआ है। इससे तीमारदारों को आईजीएमसी के बाहर पार्किंग की सुविधा नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में उन्हें गाड़ी को दूर ही पार्क करना पड़ा रहा है। लेकिन पुलिस प्रशासन की ओर से वहां पर डॉक्टरों की लगी गाड़ियों को नहीं हटाया जा रहा है।

इसके अलावा कई गाड़ियां तो काफी दिनों से पार्किंग में लगी हुई हैं। 29 जनवरी को हुई नोटिफिकेशन के अनुसार तीन स्थानों पर रोगियों के साथ आए तीमारदार टैक्सी ऑपरेटर दो घंटे तक अपने वाहन खड़े कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त आईजीएमसी की एंबुलेंसों स्थानीय टैक्सी ऑपरेटरों के लिए भी इन पार्किंगों में जगह दी गई थी। आईजीएमसी में पार्किंग समस्या को देखते हुए कुछ समय पूर्व एसडीएम शहरी जीसी नेगी की अगुअाई में नगर निगम के सहायक आयुक्त डीएसपी ट्रैफिक शिमला ने आईजीएमसी का दौरा किया था।

आईजीएमसी कर्मचारियों को गाड़ी पार्क की सुविधा मुहैया कराने को लेकर आईजीएमसी एसोसिएशन प्रिंसिपल एसएस कौशल से मुलाकात की। आईजीएमसी एसोसिएशन के महासचिव हरेंद्र मेहता का कहना है कि आईजीएमसी के बाहर जो मरीजों के लिए पार्किंग अलॉट की गई है वह इसका विरोध करते हैं। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन की ओर से तीमारदारों के लिए पार्किंग को लेकर कोई दूसरा स्थान दिया जाए ताकि लोग कुछ घंटों के लिए वहां गाड़िया पार्क कर सकंे। मेहता का कहना है कि कोई मरीज आईजीएमसी उपचार के लिए आता है तो उसे पूरा दिन लग जाता है वहीं, जिला प्रशासन की ओर से दो घंटे के लिए पार्किंग दी गई है। इससे मरीजों तीमारदारों को खासी परेशानी भी उठानी पड़ रही है। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि आईजीएमसी के कर्मचारियों के लिए बाहर पार्किंग की सुविधा मुहैया कराई जाए।

आईजीएमसी के मुख्य गेट से दाहिनी तरफ संजौली को जाने वाली सड़क पर 10 वाहनों को खड़े करने की अनुमति दी थी।इसमें आठ वाहनों की जगह रोगियों के साथ आए तीमारदारों के वाहनों के लिए, जबकि दो टैक्सियां की जगह स्थानीय टैक्सी ऑपरेटरों के लिए हैं। आईजीएमसी के मुख्य गेट से लक्कड़ बाजार की तरफ 15 वाहनों की जगह तीमारदारों के वाहनों के लिए, जबकि 8 एंबुलेंस खड़ी करने काे भी जगह नोटिफाइ की गई है। इसके अतिरिक्त मुख्य सड़क से आईजीएमसी को जाने वाली सड़क के पास बनी पार्किंग में 16 वाहन तीमारदारों के खड़े किए जा सकेंगे जबकि 6 वाहन स्थानीय टैक्सी चालकों के खड़े किए जाएंगे। इन सभी स्थानों पर एक वाहन को दो घंटे से अधिक समय तक खड़े रहने की अनुमति नहीं होगी।

आईजीएमसी के बाहर जिला प्रशासन की ओर से मरीजों के तीमारदारों को दी गई पार्किंग पर डॉक्टरों की गाड़ियां खड़ी हैं।

तीमारदारों को चुकाना पड़ता है जुर्माना

आईजीएमसीअस्पताल के बाहर दी गई पार्किंग पर डॉक्टरों का कब्जा होने पर तीमारदारों को सड़कों पर गाड़ी खड़ी करनी पड़ रही है। जगह-जगह सड़क पर गाड़ी होने पर आए दिन पुलिस प्रशासन की ओर से चालान काटे जा रहे हंै। इससे रोजाना तीमारदार भी परेशान हो रहे हैं। जहां दूर दराज के क्षेत्रों से उपचार कराने आए मरीज तीमारदार बीमारी को लेकर परेशान होते हैं, वहीं पुलिस की ओर से काटे गए चालानों के कारण भी खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है।