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सीटीओ में लगाई अल्ट्रासोनिक मशीन से नहीं भाग रहे बंदर
बंदरोंको भगाने के लिए सोमवार को सीटीओ भवन पर दो अल्ट्रासोनिक मशीनें लगाई गई। फिलहाल यह मशीने ट्रायल बेस पर लगाई गई हैं। इस अवसर पर सीसीएफ पीएल चौहान, नगर निगम के डिप्टी मेयर टिकेंद्र पंवर समेत डीएफओ वाइल्ड लाइफ, डीएफओ अर्बन, डीएफओ वैटनेरियन भी मौजूद रहे। नगर निगम के डिप्टी मेयर ने कहा कि 15 दिनों तक इन मशीनों का ट्रायल लिया जाएगा। यदि इन मशीनों से बंदरों पर इफेक्टिव असर हुआ तथा यह बंदरों को भगाने में कामयाब रही तो उसके बाद शिमला शहर के अस्पतालों, स्कूलों और कालेजों समेत सभी बड़े कार्यालयों में यह मशीनें लगाई जाएगी।
कैमरेसे करेंगे जांच
अल्ट्रासोनिकमशीनों के पास सीसीटीवी कैमरे लगा दिए गए हैं। इससे इन मशीनों के पास बंदरों की एक्टिविटी नोट की जाएगी। करीब 10 दिन बाद मशीनों के बीच में बंदरों को खाद्य वस्तुएं डाली जाएगी। यदि इस दौरान यह मशीने बंदरों को भगाने में कामयाब रहती है तो इसके लिए वन विभाग संबंधित कंपनी को विभिन्न स्थानों पर मशीने लगाने के आदेशों देगा। यदि बंदर मशीन से डरकर नहीं भागे तो मशीनों को रिजेक्ट कर दिया जाएगा। इन मशीनों को लगाने की पिछले काफी समय से मांग की जा रही थी तािक शहर के लोगों को बंदरों के आतंक से राहत मिल सके।
पहले दिन नहीं डरे बंदर
सोमवारको ट्रायल बेस पर मशीनें लगाई गई, मगर इस दौरान मशीनों के आसपास बंदर उछल कूद करते रहे। पहले दिन का ट्रायल खास असरदार नहीं रहा। मशीन की आवाज से बंदर नहीं भागे। हालांकि संबंधित कंपनी के अधिकारियों का दावा है कि यह मशीन दो दिन बाद असर करेगी, उसके बाद यहां कोई बंदर नहीं आएगा। अब यह कितना सच है कि सच दो सीसीटीवी कैमरे की मदद से पता चल जाएगा।
शिमला में सोमवार को वन विभाग नगर निगम प्रशासन के संयुक्त तत्वाधान में बंदरों से निजात दिलाने के लिए ट्रायल बेस पर लगाई गई अल्ट्रासोनिक मशीनें।
पहले दिन बंदरों पर बेअसर, मशीन के पास ही खेलते रहे बंदर