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निगम ने 5 अगस्त तक बढ़ाई फूड लाइसेंस बनाने की तारीख

6 वर्ष पहले
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नगरनिगम के तहत आने वाले कारोबारियों के लिए राहत भरी खबर है। निगम ने फूड लाइसेंस बनाने की तारीख 5 अगस्त बढ़ा दी है। अब कारोबारी बिना लेट फीस के 5 अगस्त तक फूड लाइसेंस बना सकेंगे। इसके लिए 12 लाख तक के सालाना टर्न ओवर के कारोबारियों की 100 से 500 रुपए तक फीस लगेगी। वहीं इससे अधिक टर्न ओवर वाले कारोबारियों को 2000 रुपए जमा करने होंगे। किसी भी दुकानदार को दुकान करने से पहले फूड लाइसेंस बनाना जरूरी होता है। इससे कारोबारी का पंजीकरण हो जाता है तथा निगम को यह पता रहता है कि कौन सा कारोबारी क्या कारोबार कर रहा है।

निगम ने कारोबारियों को सुविधा देने के लिए यह तिथि बढ़ाई है। इससे पहले जनवरी में यह तिथि समाप्त हो गई थी। तर्क दिया जा रहा है कि निगम के तहत कारोबारियों को लाइसेंस बनाने में कुछ समस्या आई थी। इसमें निगम कार्यालय शिफ्ट होने के कारण कारोबारियों के लाइसेंस पर हस्ताक्षर में भी देरी हुई। वहीं शहर के कई कारोबारी अभी तक लाइसेंस नहीं बनवा सकें है। इसलिए कारोबारियों को लाइसेंस बनाने में अब कोई दिक्कत नहीं आएगी।

नगर निगम शिमला के तहत करीब 5000 से अधिक कारोबारी हैं। इसमें मालरोड, लक्कड़ बाजार, लोअर बाजार, गंज बाजार, राम बाजार, न्यू बस स्टैंड, संजौली, छोटा शिमला, ढली, बालूगंज, टूटु, विकास नगर समेत कई बाजार शामिल हैं। लाइसेंस की तारीख बढ़ने से इन कारोबारियों को लाभ होगा।

^फूड लाइसेंस बनाने के लिए निगम के तहत आने वाले कारोबारियों को 5 अगस्त तक तिथि बढाई गई है। अब कारोबारी आसानी से फूड लाइसेंस बना सकेंगे। उसके बाद कारोबारियों को फाइन लगाया जाएगा। सोनमनेगी, सीएचओ नगर निगम

ऐसे बनता है फूड लाइसेंस

फूडलाइसेंस बनाने के लिए कारोबारी को सबसे पहले मेडिकल करवाना होता है। उसके बाद पांच रुपए के स्टांप पर कारोबार का ब्योरा दिया जाता है। फिर निगम कार्यालय में जाकर इसकी रजिस्ट्रेशन फीस चुकाई जाती है। वहीं कारोबार का दायरे के अनुसार टैक्स भी जमा करवाया जाता है। लाइसेंस एक से पांच साल तक बनाया जा सकता है। इसे साल में रिन्यू करवाना होता है। जिसमें 100 रुपए रिन्यू फीस लगती है।