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प्रदेश विश्वविद्यालय से सीख सकेंगे चाइनीज
विदेशोंमेंनौकरी की चाह रखने वाले युवाओं के लिए राहत भरी खबर है। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय चीन और जापान में नौकरी की तलाश में जाने वाले युवाओं के लिए डिप्लोमा कोर्स शुरू करेगा। एचपीयू चाइनिज और जापनाइज भाषा में डिप्लोमा कोर्स शुरू कर रहा है। जिससे प्रदेश युवाओं को चीन जापान की भाषा सीखने का मौका मिलेगा। पीजी में शुरू हो रहे रूसा सिस्टम के तहत इन डिप्लोमा कोर्सिस को शुरू किया जा रहा है। ऐसे में अब जितने भी डिप्लोमा और सर्टिफिकेट फॉरेन भाषा के कोर्स एचपीयू में करवाए जा रहे है उनमें जापानिज और चाइनिज भाषा भी सिखाई जाएगी। जून सत्र से इन डिप्लोमा कोर्सिस को शुरू किया जाएगा। एचपीयू के कुलपति प्रो. एडीएन वाजपेयी का कहना है कि छात्रों को नए डिप्लोमा और डिग्री कोर्सिस को करवाने की पहल की जा रही है। इस तरह के लेंग्वेज कोर्सिस छात्रों को सीधे रोजगार से जोड़ते हैं। उनका कहना है कि छात्रों को नए नए कोर्स करने के अवसर मिलेंगे।
विदेशी भाषा सीखने के बाद नौकरी के अधिक अवसर है। एचपीयू में एमटीए विभाग के छात्रों को फॉरेन लेंग्वेज सीखना अनिवार्य किया हुआ है। फॉरेन लेंग्वेज सीखने के बाद टूरिस्ट गाइड के तौर पर काम शुरू कर सकते हैं। आंकड़ों के अनुसार देश में सबसे ज्यादा टूरिस्ट फ्रांस, जापान, चीन और जर्मन से रहे हैं। इन भाषाओं को सीखने के बाद टूरिस्ट गाइड अच्छी कमाई कर सकता है। इसके अलावा विदेशों में नौकरी के लिए भी वहां की भाषा आनी जरूरी है। जहां छात्र काम करता है, यदि उसे उस देश की भाषा की अच्छी नॉलेज है तो आगे बढ़ने के अधिक अवसर मिल सकते हैं। इसके अलावा विभिन्न कंपनियों में भाषाओं के ट्रांसलेटर की जरूरत भी रहती है।
एचपी यूनिवर्सिटी के फॉरेन लेंग्वेज विभाग से अधिकतर छात्र अच्छी नौकरी पाने के लिए विदेशी भाषा सीख रहे हैं। देश भर में टूरिज्म के क्षेत्र में काफी संभावनाएं है, इसीलिए यदि विदेशी लेंग्वेज की समझ होगी तो अच्छी कमाई हो सकती है। विदेशी भाषा का बेसिक ज्ञान होना अनिवार्य है। ऐसे में अब जापान और चीन की भाषा को सीखने का अवसर भी छात्रों को मिल पाएगा।
जापान और चीन में है नौकरी के अवसर
जापानऔर चीन में मल्टी नेशनल कंपनियों में छात्रों को रोजगार के अवसर तो मिल रहे है। लेकिन वहां की भाषा का ज्ञान होने के कारण उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में अब प्रदेश के युवाओं को एचपीयू से जहां अन्य डिग्री करने को मिलेगी, वहीं विदेशी भाषा भी सीख पाएंगे। विदेशों में अच्छी नौकरी, सेलरी और तरक्की पाने के लिए युवा विदेशी भाषा सीखने में ज्यादा दिलचस्पी दिखा रहे है। एचपी यूनिवर्सिटी के फॉरेन लेंग्वेज विभाग में हर वर्ष 180 छात्र फॉरेन लेंग्वेज सीख कर पास आउट हो रहे है।
ऐसे सिखाई जाती है विदेशी लेंग्वेज
विविमें जर्मन, फ्रेंच और रशियन भाषा सिखाई जा रही है। इसके लिए छात्रों की योग्यता प्लस टू रखी गई है। छात्रों को मेरिट के आधार पर प्रवेश दिया जाता है। तीनों भाषाओं में 60-60 सीटें रखी गई है। यहां सिर्फ एडवांस्ड डिप्लोमा करवाया जाता है। छात्रों को हिंदी अंग्रेजी में ट्रांसलेट कर विदेशी भाषा सिखाई जाती है। इसमें छात्रों को भाषा का बारीकी से अध्ययन करवाया जाता है।