पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • ट्रैफिक चालान का भुगतान अब होगा ऑनलाइन

ट्रैफिक चालान का भुगतान अब होगा ऑनलाइन

6 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
ट्रैफिकचालान जमा करवाने के लिए लोगों को अब थानों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। चालान की पेमेंट ऑन लाइन करवाने की सुविधा लोगों को मिलेगी। सीसीटीएन प्रोजेक्ट के सिटीजन पोर्टल में लोगों को ऑन लाइन चालान जमा करवाने के साथ अन्य कई प्रकार की सुविधा मिलेगी।

पासपोर्ट वेरिफिकेशन के लिए लोगों को बार बार थानों के चक्कर काटने की भी जरूरत नहीं होगी। इस के लिए ऑन लाइन आवेदन होगा ऑन लाइन ही वेरिफिकेशन सर्टिफिकेट मिल जाएगा। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह मंगलवार को राज्य पुलिस विभाग के सीसीटीएन प्रोजेक्ट को लांच करेंगे।

26/11हमले के बाद केंद्र ने तैयार किया था प्रोजेक्टः एडीजीसंजय कुमार ने बताया कि मुंबई में हुए 26/11 हमले के बाद केंद्र सरकार ने 2 हजार करोड़ का सीसीटीएन प्रोजेक्ट तैयार किया था। यह प्रोजेक्ट पूरी तरह से केंद्र द्वारा फंडिड है और इसके लिए प्रदेश को 19 करोड़ की ग्रांट स्वीकृत की गई थी।

प्रोजेक्टमें ये शामिलः सीसीटीएनप्रोजेक्ट प्रदेश के 177 साइट पर चलाया जाएगा। इसमें 114 पुलिस थाने, 13 जिला मुख्यालय, 26 सब डिविजन पुलिस ऑफिसर, 3 रेंज ऑफिस, स्टेट क्राइम रिकार्ड ब्यूरो, पुलिस मुख्यालय, स्टेट विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो, सीआईडी क्राइम ब्यूरो, 14 कंट्रोल रूम, फिंगर प्रिंट ब्यूरो, फारेंसिक लैबोरेटरी, 16 सीसीटीएन ट्रेनिंग सेंटर और डाटा रिकवरी सेंटर योजना के तहत लिया गया है। फिलहाल इसमें पुलिस बटालियन और पुलिस चाैकी को शामिल नहीं किया गया है।

{सीसीटीएन प्रोजेक्ट के तहत किसी भी अपराधी की 40 के करीब फीचर केस में अंकित किए जाएंगे। इसके बाद देश के किसी भी कोने में उस अपराधी से संबंधित 5 से अधिक फीचर मिलते हैं तो उसकी सूचना तुरंत मिल जाएगी और इससे पुलिस को उस अपराधी के बारे में पुरी जानकारी उपलब्ध हो जाएगी।

{इस प्रोजेक्ट में आम आदमी अपनी शिकायत दर्ज करवा सकता है साथ ही पुलिस को सुझाव भी दे सकता है।

{पासपोर्ट बनाने के लिए पुलिस वैरिफिकेशन में आसानी हो सकेगी।

{बाहरी मजदूरों का रजिस्ट्रेशन हा़े सेकेगा।

विधानसभा में पूछे जाने वाले प्रश्नों का ऑनलाइन जवाब दिया जाएगा।

{आईओ अपने लॉगइन से केस से संबंधित जानकारी एंटर करेगा और इसकी डीजीपी लेवल तक मॉनिटरिंग होगी।

पहले पांच थानों से शुरुआत

सीसीटीएनप्रोजेक्ट के बारे में जानकारी देते हुए एडीजी संजय कुमार ने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान बताया कि इस प्रोजेक्ट को पायलट आधार पर पहले शिमला के पांच थानों में शुरू किया जा रहा है इसके बाद इसे जल्द ही प्रदेश के सभी 114 थानों में शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट के अपराध के मामलों को जल्द सुलझाने में आसानी होगी। इस प्रोजेक्ट में 1 लाख डाटा ट्रांसफर और 5 हजार कर्मचारियों को कंप्यूटर ट्रेनिंग दी गई है।

यह होगा प्रोजेक्ट के तहत

प्रोजेक्टके तहत प्रदेश के सभी 114 पुलिस थाने अपराधों और अपराधियों से जुड़े डाटा की ट्रांसफर के लिए आपस में जुड़ जाएंगे। केंद्र सरकार की सीसीटीएन (क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क ) के तहत प्रदेश में 19 करोड़ की लागत से इसे बुधवार से लागू किया जाएगा। योजना के तहत प्रदेश में 177 स्थानों को इस प्रोजेक्ट से जोड़ा गया है।