- Hindi News
- पुलिस कर्मियों की फ्री ट्रैवलिंग सुविधा में बदलाव की तैयारी
पुलिस कर्मियों की फ्री ट्रैवलिंग सुविधा में बदलाव की तैयारी
ढलीमें पिछले दिनों दस पुलिस कर्मचारी निगम की बस में चढ़े। रियासती बस होने के कारण इसमें किसी तरह का रियायती पास मान्य नहीं था। परिचालक ने टिकट मांगा तो पुलिस कर्मचारियों ने सरकार की अधिसूचना दिखाने के लिए कहा। काफी कहासुनी होने के बाद पुलिस कर्मचारियों ने पैसे नहीं दिए। ढली पहुंचने पर चालक को बस थाने में लगाने के लिए कहा। चालक ने इससे इंकार किया। पुलिस ने बस को जब्त कर लिया। इस मामले के सामने आने के बाद परिवहन निगम प्रबंधन ने रिपोर्ट तैयार की है। इसमें साफ संकेत है कि आने वाले समय में पुलिस वालों को यात्रा के दौरान दी जाने वाली सुविधा में बदलाव हो सकता है।
रिपोर्ट मिली है, अध्ययन के
बाद होगा फैसला : बाली
हिमाचलप्रदेश के परिवहन मंत्री जीएस बाली ने कहा का ढली के मामले में जांच रिपोर्ट पहुंच गई है। इसे देखने के बाद ही राज्य सरकार की आेर से फैसला लिया जाना है। हालांकि यह अकेला ही मामला है। उन्होंने कहा का राज्य में निगम की साधारण बसों में ही रियायती पास मान्य है। लग्जरी आैर रियायती किराए की बसों में कोई पास मान्य नहीं हैं।
भास्कर न्यूज| शिमला
हिमाचलमें पुलिस कर्मचारियों को निशुल्क बस सुविधा देने के लिए राज्य सरकार शीघ्र ही नीति में बदलाव कर सकती है। वर्तमान में पुलिस कर्मचारियों से परिवहन निगम की साधारण बसों में किराया नहीं लिया जाता है। ढली में जेएनएनयूआरएम की बस में पुलिस कर्मचारियों ने पहले बिना टिकट यात्रा की, इसके बाद निगम की बस को जब्त कर लिया था।
इस मामले में परिवहन निगम ने जांच रिपोर्ट तैयार की है। इस रिपोर्ट में साफ है कि पुलिस कर्मचारियों ने परिवहन कर्मचारियों से जब्त बस को छुड़ाने के एवज में पांच हजार रुपए जमा करवाने के कहा था। बस के चालक ने इस मामले में 700 रुपए जमा करवाए थे। इसके बाद ढली थाने में बस छोड़कर वापस गए। शाम के समय ढली थाने से बस को छोड़ा गया आैर चालक की आेर से जमा करवाए गए 700 रुपए की राशि भी वापस कर दी। परिवहन निगम की रिपोर्ट में सलाह दी है कि भविष्य में ऐसी घटनाएं हो, इसके लिए पुलिस कर्मचारियों को दी जा रही निशुल्क बस सुविधा की पालिसी में बदलाव किया जाए। इससे साफ है कि आने वाले समय में पुलिस कर्मचारियों को हर बस में किराया देना होगा। कर्मचारियों को टिकट दिखाने के बाद उनके विभाग से ही रिंबर्समेंट की सुविधा मुहैया करवाई जाएगी।
कैबिनेटले सकती है फैसला
इसमसले पर राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में अहम फैसला हो सकता है। परिवहन विभाग की आेर से पूरी रिपोर्ट के अध्ययन के बाद इसे राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूरी के लिए लाया जाना प्रस्तावित है।